{दो साल बाद भी पूरा नहीं हुआ प्रतिमा लगाने का वादा, परिजनों में नाराजगी; अब उपायुक्त से मिलेंगे ग्रामीण}
मेदिनीनगर,(पलामू): देश की सुरक्षा के लिए अपनी जान न्योछावर करने वाले जवान सुकन राम की शहादत को करीब दो साल बीत चुके हैं, लेकिन उनके सम्मान में प्रतिमा स्थापित करने का वादा आज तक अधूरा है। जिस घर से देश की रक्षा के लिए एक बेटा निकला और तिरंगे में लिपटकर वापस लौटा, उसी घर के लोग आज अपने शहीद बेटे की प्रतिमा स्थापित कराने के लिए दर-दर गुहार लगाने को मजबूर हैं। शहीद के वृद्ध पिता अमरजीत मांझी की आंखें आज भी उस दिन को याद कर नम हो जाती हैं।
जानकारी के अनुसार, फरवरी 2024 में चतरा जिले के जोरी थाना पुलिस टीम के साथ जवान सुकन राम पोस्ता की अवैध खेती को नष्ट करने के अभियान में गए थे। इसी दौरान घात लगाए बैठे नक्सलियों ने पुलिस टीम पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इस हमले में झारखंड पुलिस के जवान सुकन राम वीरगति को प्राप्त हो गए।
शहादत के बाद जब उनका पार्थिव शरीर पैतृक घर पहुंचा था, उस समय क्षेत्र के विधायक, जनप्रतिनिधियों और पुलिस विभाग के अधिकारियों ने शहीद के सम्मान में प्रतिमा स्थापित कराने का भरोसा दिया था। उस वक्त परिवार को उम्मीद जगी थी कि उनके बेटे की शहादत को हमेशा के लिए सम्मान के रूप में संजोया जाएगा। लेकिन वक्त गुजरता गया, वादे होते रहे और प्रतिमा स्थापना की उम्मीद आज भी अधूरी है।
परिजनों का सवाल है कि जब अन्य शहीद जवानों की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं, तो सुकन राम के साथ यह उपेक्षा क्यों? क्या शहादत का सम्मान भी अलग-अलग तरीके से किया जाएगा? जिस जवान ने देश के लिए अपनी जान दे दी, क्या उसके परिवार को अपने ही बेटे की प्रतिमा के लिए गुहार लगानी पड़ेगी?
शहीद के वृद्ध पिता अमरजीत मांझी का दर्द पूरे परिवार की पीड़ा बयां करता है। बेटे को खोने का जख्म आज भी ताजा है। पिता की इच्छा है कि उनके बेटे की प्रतिमा स्थापित हो, ताकि गांव की आने वाली पीढ़ियां उसे देखकर देश की सेवा और बलिदान का अर्थ समझ सकें। एक पिता के लिए इससे बड़ी विडंबना क्या होगी कि जिस बेटे की शहादत पर पूरा क्षेत्र गर्व करता है, उसी बेटे की याद को सम्मान दिलाने के लिए परिवार को संघर्ष करना पड़ रहा है।
“इधर, तरहसी पंचायत के भावी मुखिया प्रत्याशी गोपाल प्रसाद ने भी शहीद की प्रतिमा स्थापित करने की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि शहीद का सम्मान केवल श्रद्धांजलि देने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उनके बलिदान को स्थायी पहचान मिलनी चाहिए।”
अब परिजन एवं ग्रामीण उपायुक्त से करेंगे मुलाकात
शहीद के परिजनों की पीड़ा को देखते हुए ग्रामीणों ने अब सामूहिक रूप से इस मामले को प्रशासन के समक्ष उठाने का निर्णय लिया है। ग्रामीण जल्द ही उपायुक्त, पलामू से मुलाकात कर शहीद सुकन राम की प्रतिमा स्थापित कराने की मांग रखेंगे। ग्रामीणों का कहना है कि अब केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा। प्रशासन को पहल कर शहीद के सम्मान में प्रतिमा स्थापित करानी चाहिए।
शहीद की प्रतिमा केवल पत्थर की एक मूर्ति नहीं होगी, बल्कि वह उस वीर जवान के बलिदान, साहस और देशभक्ति की अमिट पहचान होगी। अब देखना है कि प्रशासन शहीद परिवार की इस पीड़ा को कब समझता है और उनके सम्मान में किए गए वादे को कब पूरा करता है।
मौके पर उपस्थित रहे
गणेश साहू, रौशन पांडेय,तपेश्वर साहू,कमलदेव साहू, प्रदीप पासवान, चंदन कुमार, नंदन कुमार, शनि पासवान, रोहित पासवान सूरज कुमार,अखिलेश कुमार, राजकमल प्रसाद, बिट्टू पासवान, सहित काफी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे,
















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