नीलांबर-पीतांबरपुर (पलामू): जिले में शिक्षा के स्तर को सुधारने और बच्चों को पढ़ाई से जोड़े रखने के लिए जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे ‘पलामू परवाज’ अभियान के तहत शनिवार को नीलांबर-पीतांबरपुर (लेस्लीगंज) प्रखंड के उत्क्रमित उच्च विद्यालय चौरा में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) जागो महतो और पंचायत के मुखिया गुड्डू पासवान विशेष रूप से उपस्थित रहे।
शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना है मुख्य उद्देश्य
समारोह को संबोधित करते हुए बीडीओ जागो महतो ने कहा कि उपायुक्त पलामू के निर्देशानुसार संचालित ‘पलामू परवाज’ कार्यक्रम का मूल उद्देश्य विद्यालयों में बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना है। जो बच्चे अनियमित रूप से स्कूल आते हैं या पढ़ाई से दूर हो रहे हैं, उन्हें वापस शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना इस अभियान की प्राथमिकता है।
बीडीओ ने बल देते हुए कहा कि इसके लिए समाज के हर वर्ग को सामूहिक प्रयास करने की आवश्यकता है, ताकि स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति शत-प्रतिशत हो सके। इसके साथ ही उन्होंने विद्यालय की साफ-सफाई और एमडीएम (मध्याह्न भोजन) मेनू के अनुसार ही परोसने पर विशेष जोर दिया। बच्चों से संवाद करते हुए उन्होंने सलाह दी कि वे भविष्य में अपनी रुचि के अनुसार ही उच्च शिक्षा में विषयों का चयन करें।
अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी जरूरी: मुखिया
पंचायत के मुखिया गुड्डू पासवान ने कहा कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए उनके अभिभावकों को विशेष ध्यान देना होगा, तभी बच्चों की नियमित उपस्थिति संभव हो सकेगी। उन्होंने कहा कि बच्चों के नियमित स्कूल आने से ही उनका शैक्षणिक विकास तय है। मुखिया ने शिक्षा के प्रति जवाबदेह सभी पक्षों—अभिभावकों, शिक्षकों, शिक्षा विभाग और जनप्रतिनिधियों—से मिलकर काम करने की अपील की।
अनियमित बच्चों की बनेगी सूची: बीपीओ
कार्यक्रम में बीपीओ दीपाली कुमारी ने कहा कि जो बच्चे लंबे समय से विद्यालय से अनुपस्थित चल रहे हैं, उन्हें चिह्नित किया जाएगा और उनकी नियमित उपस्थिति के लिए ठोस पहल की जाएगी। उन्होंने सभी संबंधित विद्यालय के प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिया कि वे बिना किसी विलंब के अपने-अपने स्कूलों के अनियमित बच्चों की सूची तैयार करें और उन्हें स्कूल से जोड़ने की दिशा में तुरंत कदम उठाएं।
खराब सड़क का मुद्दा छाया, मंच संचालन
कार्यक्रम के दौरान स्थानीय अभिभावक मदन राम ने विद्यालय तक पहुंचने वाले पहुंच पथ (सड़क) की खस्ताहाली का मामला जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने बताया कि सड़क मार्ग खराब होने के कारण बच्चों को स्कूल आने-जाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, जिससे उपस्थिति पर भी असर पड़ता है। उन्होंने बीडीओ से इस सड़क मार्ग को जल्द से जल्द ठीक कराने की मांग की।
कार्यक्रम का संचालन सीआरपी कामाख्या तिवारी ने किया। इस अवसर पर बीआरपी विनोद राम, रनबहादुर कुमार, सभी बीआरसी कर्मी, उत्क्रमित उच्च विद्यालय चौरा की प्रधानाध्यापिका कंचन शुक्ला, राजकीय मध्य विद्यालय बांसडीह व राजकीय मध्य विद्यालय गेठा के प्रधानाध्यापक, बड़ी संख्या में ग्रामीण और स्कूली बच्चे उपस्थित रहे।















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