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Fact Check: ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली के नाम पर AI और वाराणसी के एयर शो की तस्वीरें वायरल

रामलीला मैदान में हुई रैली के नाम पर वायरल तस्‍वीर में सच्‍चाई नहीं है। पहली तस्‍वीर एआई की मदद से तैयार की गई है, जबक‍ि दूसरी तस्‍वीर वाराणसी में हुए एयर शो के दौरान की है।

नई दिल्ली (विश्वास न्‍यूज)। देश की राजधानी द‍िल्‍ली के रामलीला मैदान में एक नवंबर 2026 को कांग्रेस समेत कई व‍िपक्षी दलों ने ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली का आयोजन क‍िया। इसमें राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी, अखिलेश यादव, ममता बनर्जी, तेजस्वी यादव और फारूक अब्दुल्ला जैसे कई विपक्षी नेताओं की मौजूदगी रही। अब इसी रैली के नाम पर दो तस्‍वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं। इन दोनों तस्‍वीरों में भीड़ ही भीड़ द‍िख रही है। सोशल मीड‍िया पर कुछ यूजर्स इन तस्‍वीरों को रामलीला मैदान की रैली का बताकर वायरल कर रहे हैं।

विश्वास न्यूज ने विस्‍तार से इस पोस्‍ट की जांच की। हमने अपनी पड़ताल में पाया कि पहली तस्‍वीर एआई से बनाई गई है, जबकि‍ दूसरी तस्‍वीर कुछ द‍िन पहले वाराणसी में हुई एयर शो की है। इन दोनों तस्‍वीरों का रामलीला मैदान में हुई रैली से कोई संबंध नहीं है। हमारी जांच में वायरल पोस्‍ट भ्रामक साब‍ित हुई।

क्‍या हो रहा है वायरल

फेसबुक यूजर ‘Alok Bajpai’ ने एक नवंबर 2026 को तस्‍वीरों के एक कोलाज को रामलीला मैदान का बताकर शेयर क‍िया। इसी तरह फेसबुक यूजर एम. दानिश कमर ने एक नवंबर 2026 को एक तस्‍वीर शेयर करते हुए ल‍िखा, “राहुल गांधी के आह्वान पर दिल्ली में उमड़ा जनसैलाब!”

पड़ताल

विश्वास न्‍यूज ने अपनी पड़ताल को दो ह‍िस्‍सों में शुरू किया और दोनों तस्‍वीरों की अलग-अलग जांच की गई। सबसे पहले पहली तस्‍वीर की जांच की गई, ज‍िसमें राहुल गांधी की तस्‍वीर और मंच द‍िख रहा है। मंच पर ‘भारतीय राष्‍ट्रीय कांग्रेस’ ल‍िखा हुआ नजर आ रहा है, जबक‍ि एक नवंबर 2026 की रैली व‍िपक्षी दलों के गठबंधन की ओर से आयोज‍ित की गई थी। ऐसे में मंच पर केवल कांग्रेस का नाम लिखा होना संभव नहीं था।

विश्वास न्‍यूज ने इसके बाद कांग्रेस के एक्‍स हैंडल को स्‍कैन क‍िया। वहां हमें एक नवंबर 2026 को अपलोड किया गया एक वीड‍ियो म‍िला। इसमें द‍िख रहे मंच और वायरल तस्‍वीर में द‍िख रहे मंच में कोई समानता नहीं है। इससे यह स्‍पष्‍ट हो गया क‍ि वायरल तस्‍वीर फेक है।

सर्च के दौरान हमें केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू की एक एक्‍स पोस्‍ट म‍िली। एक नवंबर 2026 की इस पोस्‍ट में वायरल तस्‍वीर का इस्‍तेमाल करते हुए ल‍िखा गया क‍ि रामलीला मैदान में भारी भीड़ दिखाने के लिए, कांग्रेस पार्टी को कम से कम AI से बनी तस्वीर तो ठीक से तैयार करनी चाहिए थी।

विश्वास न्‍यूज ने जांच को आगे बढ़ाते हुए एआई डिटेक्शन टूल्स की मदद ली। पहली वायरल तस्‍वीर को हमने एआई डिटेक्शन टूल्स की मदद से चेक किया। सबसे पहले हमने इसे गूगल के ‘सिंथ आईडी’ से चेक किया। इसके एनालिसिस के अनुसार, यह फोटो ‘ओपन एआई’ की मदद से तैयार की गई है।

हमने वायरल पोस्‍ट में इस्‍तेमाल की गई पहली तस्‍वीर को डीपफेक डिटेक्शन टूल ‘Pangram’ की मदद से भी चेक किया। इसके एनालिसिस में वायरल तस्‍वीर के पूरी तरह से एआई-निर्मित होने की प्रबल संभावना की पुष्टि हुई।

इसके बाद ‘हाइव मॉडरेशन’ टूल का यूज क‍िया गया। वायरल तस्‍वीर को इस टूल की मदद से चेक करने पर पता चला क‍ि यह एआई-निर्मित है। हाइव मॉडरेशन के नतीजों में इसे 99.6 प्रतिशत से अधिक एआई-निर्मित बताया गया।

दूसरी तस्‍वीर की जांच

विश्वास न्‍यूज ने दूसरी तस्‍वीर की सच्‍चाई जानने के ल‍िए इसे गूगल लेंस टूल के जर‍िए सर्च क‍िया। सर्च के दौरान असली तस्‍वीर हमें यूपी के ड‍िप्‍टी सीएम ब्रजेश पाठक के एक्‍स हैंडल पर म‍िली। 25 अक्‍टूबर 2026 की इस पोस्‍ट में वायरल हो रही दूसरी तस्‍वीर को वाराणसी में भारतीय वायुसेना द्वारा आयोज‍ित एयर शो के दौरान की बताया गया।

जांच को आगे बढ़ाते हुए हमने ‘दैन‍िक जागरण’, वाराणसी के 26 अक्‍टूबर 2026 के संस्‍करण को स्‍कैन क‍िया। हमें वायरल तस्‍वीर ईपेपर पर म‍िली। इसके सोर्स में ज‍िला प्रशासन का नाम द‍िया गया था। फोटो के कैप्‍शन में ल‍िखा है क‍ि एयर शो के ल‍िए डोमरी क्षेत्र में उमड़ी लोगों की भारी भीड़।

विश्वास न्‍यूज ने जांच के दौरान दै‍न‍िक जागरण, वाराणसी के संपादकीय प्रभारी संजय म‍िश्रा से संपर्क किया और उनके साथ वायरल तस्‍वीर को शेयर क‍िया। उन्‍होंने पुष्‍ट‍ि करते हुए बताया क‍ि वायरल तस्‍वीर वाराणसी में हुए एयर शो के दौरान की है।

क्‍या है संदर्भ?

कांग्रेस समेत कई विपक्षी दल चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। इसी क्रम में दिल्ली के रामलीला मैदान में एक नवंबर 2026 को आयोजित वोट बचाओ, संविधान बचाओ, देश बचाओ महारैली में कई व‍िपक्षी दलों के प्रमुख नेता और कार्यकर्ता जुटे। इसमें खासतौर पर राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी, अखिलेश यादव, ममता बनर्जी, तेजस्वी यादव और फारूक अब्दुल्ला जैसे विपक्षी नेता मौजूद रहे। एक नवंबर 2026 को इसे लेकर ‘पीटीआई’ ने एक वीड‍ियो पोस्‍ट भी क‍िया था।

जांच के अंत में हमने भ्रामक पोस्‍ट करने वाले यूजर की जांच की। इसकी सोशल स्‍कैन‍िंग में पता चला क‍ि इस अकाउंट को सात हजार लोग फॉलो करते हैं। यह अकाउंट लखीमपुर खीरी से संचाल‍ित होता है। इस अकाउंट को 2010 में बनाया गया था।

निष्कर्ष: विश्वास न्यूज की पड़ताल में वायरल तस्‍वीरें फर्जी साब‍ित हुईं। एक नवंबर को रामलीला मैदान में हुई रैली के नाम पर वायरल तस्‍वीर में सच्‍चाई नहीं है। पहली तस्‍वीर एआई की मदद से तैयार की गई है, जबक‍ि दूसरी तस्‍वीर वाराणसी में हुए एयर शो के दौरान की है। हमारी जांच में पता चला क‍ि इन दोनों तस्‍वीरों को द‍िल्‍ली में हुई रैली का बताकर झूठ फैलाया जा रहा है।


  • Claim Review : द‍िल्‍ली के रामलीला मैदान में वोट बचाओ, देश बचाओ रैली की तस्‍वीरें।
  • Claimed By : Facebook User Alok Bajpai
  • Fact Check : झूठ




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