मेदिनीनगर ( पलामू ): जिले के संवेदनशील और रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण सतबरवा थाने की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पलामू के डीआईजी किशोर कौशल द्वारा किए गए औचक निरीक्षण के दौरान पुलिस महकमे की बड़ी लापरवाही सामने आई है। निरीक्षण में खुलासा हुआ कि सतबरवा थाना पुलिस अपराधियों और वारंटियों की गिरफ्तारी में कोई दिलचस्पी नहीं ले रही है, साथ ही थाने के रिकॉर्ड भी लंबे समय से अपडेट नहीं किए गए हैं।
सुरक्षा की दृष्टि से बेहद अहम है सतबरवा थाना
बता दें कि सतबरवा थाना पलामू और लातेहार जिले की सीमा पर स्थित होने के कारण सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण माना जाता है। सीमावर्ती इलाका होने के बावजूद यहां पुलिस की सुस्ती और लचर रवैया हैरान करने वाला है।
निरीक्षण में सामने आईं ये बड़ी खामियां:
- अपडेट नहीं मिले रिकॉर्ड: डीआईजी के निरीक्षण के दौरान पाया गया कि थाने के सिरिस्ता (रिकॉर्ड रूम) में किसी भी प्रकार के रिकॉर्ड को अद्यतन (अपडेट) नहीं किया गया है।
- फरारी और आपराधिक सूची गायब: थाने में अपराधियों की सूची और फरार चल रहे वारंटियों की सूची का डेटा अपडेट नहीं मिला है।
- अनुसंधान में लापरवाही: दर्ज मुकदमों के अनुसंधान (Investigation) में भी पुलिस अधिकारियों द्वारा गंभीर लापरवाही बरती जा रही है।
- आवेदन के निष्पादन में सुस्ती: वरीय अधिकारियों के पास पहुंचने वाले जनशिकायत आवेदनों के निष्पादन में भी थाना स्तर पर कोई खास रुचि नहीं दिखाई जा रही है।
थाना प्रभारी समेत सभी पुलिस कर्मियों पर गिरेगी गाज
डीआईजी किशोर कौशल के इस सख्त निरीक्षण के बाद सतबरवा थाना प्रभारी सहित सभी संबंधित पुलिस पदाधिकारियों को कड़ी चेतावनी जारी की गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस गंभीर लापरवाही को देखते हुए सभी दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ स्पष्टीकरण (Show Cause) मांगने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
डीआईजी ने सभी पदाधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे अपने रिकॉर्ड्स को तुरंत दुरुस्त करें और अपराधियों तथा वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाएं। इस औचक निरीक्षण के बाद से पलामू जिले के अन्य पुलिस थानों में भी हड़कंप मचा हुआ है।















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