नीलांबर-पीतांबरपुर : स्थानीय विवाह मंडप में पिछले छह-सात वर्षों से पड़े अन्नपूर्णा योजना के 209 क्विंटल खाद्यान्न के सड़ने का मामला प्रकाश में आने के बाद प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है। मीडिया में खबर प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद बुधवार को अंचलाधिकारी (सीओ) जागो महतो एवं प्रखंड खाद्य आपूर्ति अधिकारी (एमओ) नारायण महतो ने संयुक्त रूप से विवाह मंडप पहुंचकर खाद्यान्न का जायजा लिया और स्थानीय ग्रामीणों से मामले की विस्तृत जानकारी जुटाई।
जून 2020 में वितरण के लिए लाया गया था अनाज
जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि यह चावल जून 2020 में वैश्विक महामारी के दौरान असहाय और जरूरतमंद लोगों के बीच वितरित करने के उद्देश्य से यहां भंडारण के लिए रखा गया था। हालांकि, समय पर वितरण न होने के कारण लाखों रुपये का यह सरकारी खाद्यान्न वर्षों से यहीं पड़ा-पड़ा बर्बादी की कगार पर पहुंच गया।
पूर्व में भी भेजे गए थे पत्र, 2026 तक नहीं मिला कोई निर्देश
प्रशासनिक उदासीनता का आलम यह है कि इस मामले में पूर्व में पदस्थ अधिकारियों द्वारा भी उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा जा चुका था। वर्ष 2021 में तत्कालीन एमओ आलोक पांडेय तथा वर्ष 2023 में तत्कालीन एमओ आलोक तिवारी ने जिला आपूर्ति अधिकारी (डीएसओ) कार्यालय को पत्र भेजकर स्थिति से अवगत कराया था और दिशा-निर्देश मांगे थे। इसके बावजूद वर्ष 2026 तक वरीय अधिकारियों की ओर से कोई स्पष्ट मार्गदर्शन प्राप्त नहीं हुआ, जिससे लाखों का खाद्यान्न पूरी तरह नष्ट हो गया।
“चावल 6-7 साल पुराना है और लंबे समय से रखे होने के कारण खाने योग्य नहीं प्रतीत होता। ऊपरी तौर पर देखने में भले ही यह खराब न लगे, लेकिन वास्तविक गुणवत्ता का पता लैब जांच के बाद ही चलेगा। चावल के सैंपल को जांच हेतु खाद्य निरीक्षक (फूड इंस्पेक्टर) के पास भेजा जा रहा है। साथ ही वरीय अधिकारियों को स्थिति की रिपोर्ट भेजकर पुनः मार्गदर्शन मांगा जाएगा।” — जागो महतो, अंचलाधिकारी
खाद्य सुरक्षा विभाग की रिपोर्ट पर टिकी कार्रवाई
अधिकारियों का कहना है कि फूड विभाग की विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद ही अंतिम रूप से तय हो सकेगा कि चावल का इस्तेमाल किसी अन्य रूप में किया जा सकता है या नहीं। रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की विधिक व प्रशासनिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
गौरतलब है कि छह वर्षों से 209 क्विंटल अनाज के गोदाम में बंद रहने और जरूरतमंदों तक न पहुंचने को लेकर स्थानीय जनता में गहरा आक्रोश है। अब देखना यह होगा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद इस लापरवाही के जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई होती है।













Leave a Reply