रांची : केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की विशेष अदालत ने 48 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के तीन अकाउंटेंटों को तीन दिनों की सीबीआई रिमांड पर भेजने का आदेश दिया है। रिमांड अवधि के दौरान जांच एजेंसी घूसखोरी के इस नेटवर्क और वित्तीय हेराफेरी के अन्य पहलुओं को खंगालने का प्रयास करेगी।
रंगे हाथ धरे गए तीनों आरोपी
सीबीआई की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा को एक शिकायतकर्ता से शिकायत मिली थी कि उसके बकाए और बिलों के भुगतान की एवज में सीआईएसएफ के लेखा विभाग द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही है। शिकायत का सत्यापन करने के बाद सीबीआई की टीम ने जाल बिछाया। कार्रवाई करते हुए सीबीआई ने सीनियर अकाउंटेंट संतोष कुमार महतो, असिस्टेंट अकाउंटेंट सुनील कुमार और सुजीत कुमार सिंह को 48 हजार रुपये नकद घूस लेते हुए मौके से गिरफ्तार कर लिया।
आवास पर छापेमारी में अकूत संपत्ति का खुलासा
गिरफ्तारी के तुरंत बाद सीबीआई की टीम ने मुख्य आरोपी सीनियर अकाउंटेंट संतोष कुमार महतो के रिहायशी ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। तलाशी के दौरान अधिकारियों को उसके आवास से लगभग 10 लाख रुपये की अघोषित नकदी और करीब 30 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण बरामद हुए हैं। जांच एजेंसी इस संपत्ति के स्रोतों और आरोपी की आय के ज्ञात साधनों की भी पड़ताल कर रही है।
अदालत में पेशी और रिमांड का फैसला
गिरफ्तारी और कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद सीबीआई ने शुक्रवार को तीनों आरोपियों को रांची स्थित सीबीआई के विशेष न्यायाधीश की अदालत में पेश किया। पेशी के दौरान सीबीआई के विशेष वकील ने अदालत को रिश्वतखोरी के पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। जांच एजेंसी ने तर्क दिया कि आरोपियों से इस भ्रष्टाचार से जुड़े अन्य अधिकारियों, बिचौलियों और पूर्व में किए गए भुगतानों में हुई गड़बड़ियों के बारे में गहन पूछताछ जरूरी है, जिसके लिए आरोपियों की हिरासत आवश्यक है।
अदालत ने सीबीआई के तर्कों को स्वीकार करते हुए तीनों अभियुक्तों को तीन दिनों की सीबीआई रिमांड पर सौंपने का निर्देश दिया। अब रिमांड के दौरान सीबीआई तीनों को आमने-सामने बिठाकर पूछताछ करेगी, जिससे विभाग के भीतर पनप रहे घूसखोरी के किसी बड़े गिरोह का पर्दाफाश होने की संभावना जताई जा रही है।













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