राँची: राज्य की स्वयं सहायता समूह (SHG) से जुड़ी महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उनके द्वारा तैयार स्थानीय उत्पादों को एक बेहतर और बड़ा बाजार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से झारखंड सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। इसी कड़ी में राँची में एक और नए ‘पलाश दीदी कैफे’ की शुरुआत की गई है।
कैफे का औपचारिक उद्घाटन ग्रामीण विकास विभाग की मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने किया। उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि राज्य सरकार पलाश ब्रांड के विस्तार को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। राँची के अलावा राज्य के अन्य सभी जिलों में भी तेजी से पलाश दीदी कैफे खोले जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि कैफे के संचालन के लिए महिलाओं को पहले पेशेवर प्रशिक्षण दिया जाता है। इसके उपरांत उन्हें क्रेडिट (ऋण सुविधा) और अन्य आवश्यक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाती है, ताकि वे आत्मनिर्भर होकर कैफे का सफल संचालन कर सकें।
स्थानीय व्यंजनों और उत्पादों को मिलेगी प्राथमिकता
नवनिर्मित पलाश दीदी कैफे में झारखंड के पारंपरिक व स्थानीय व्यंजनों के साथ-साथ स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार किए गए खाद्य उत्पादों को प्रमुखता दी जा रही है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकारी आयोजनों और बैठकों में भी पलाश के उत्पादों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि महिला उद्यमियों को एक स्थायी और बड़ा बाजार मिल सके।
हर जिले के DC कार्यालय और पर्यटन स्थलों पर खुलेंगे कैफे
सरकार पलाश दीदी कैफे को एक बड़े और प्रतिष्ठित ब्रांड के रूप में स्थापित करने की योजना पर काम कर रही है। आने वाले दिनों में हर जिले के समाहर्हालय (DC कार्यालय) परिसर में पलाश दीदी कैफे की शुरुआत की जाएगी। इसके अतिरिक्त, राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों और अधिक आवाजाही वाले सार्वजनिक स्थानों पर भी इन कैफे का विस्तार किया जाएगा।
छह महीनों में राँची में शुरू होगा पहला ‘पलाश मार्ट’
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए सरकार ‘पलाश मार्ट’ की स्थापना करने जा रही है। इसके तहत राज्य भर में छह विशेष भवनों का निर्माण कार्य चल रहा है। पहला पलाश मार्ट अगले छह महीनों के भीतर राँची में बनकर तैयार होने की उम्मीद है। इस मार्ट में एक ही छत के नीचे झारखंड का प्रसिद्ध हैंडलूम, आर्ट एंड क्राफ्ट, आर्गेनिक खाद्य उत्पाद और अन्य पारंपरिक सामग्रियां बिक्री के लिए उपलब्ध रहेंगी।
जीरा फूल चावल को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाने की कोशिश
राज्य सरकार झारखंड के विशेष उत्पादों, जैसे ‘जीरा फूल चावल’, को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुँचाने के लिए रणनीतिक कदम उठा रही है। सरकार का मुख्य उद्देश्य स्थानीय उत्पादकों और महिला समूहों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य दिलाना और झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक व कृषि पहचान को वैश्विक पटल पर स्थापित करना है।













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