रांची : राजधानी रांची के हटिया क्षेत्र में साइबर अपराध का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां वॉशिंग मशीन ठीक कराने के लिए ऑनलाइन कस्टमर केयर नंबर खोजना एक महिला को बेहद महंगा पड़ गया। शातिर साइबर अपराधियों ने खुद को कंपनी का प्रतिनिधि और टेक्नीशियन बताकर महिला को अपने झांसे में लिया और उनके बैंक खाते से कुल 8.27 लाख रुपये की चपत लगा दी। पीड़िता की लिखित शिकायत पर साइबर अपराध थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
10 रुपये का रजिस्ट्रेशन बना ठगी का जाल
घटना हटिया के अपर हटिया क्षेत्र की है। पीड़िता नीलम कुमारी के अनुसार, गत 29 जुलाई को उनकी वॉशिंग मशीन में कुछ तकनीकी खराबी आ गई थी। इसके समाधान के लिए उन्होंने इंटरनेट सर्च इंजन (गूगल) पर संबंधित कंपनी का कस्टमर केयर नंबर तलाशा। ऑनलाइन मिले एक अज्ञात नंबर पर जब उन्होंने कॉल किया, तो दूसरी ओर से बात कर रहे व्यक्ति ने खुद को कंपनी का आधिकारिक कर्मचारी बताया।
शिकायत दर्ज करने की आड़ में आरोपी ने नीलम कुमारी से 10 रुपये का टोकन चार्ज भुगतान करने को कहा। जैसे ही पीड़िता ने बताए गए लिंक या प्रक्रिया के माध्यम से भुगतान किया, अपराधियों ने उनके खाते की गोपनीय वित्तीय जानकारी हासिल कर ली।
टेक्नीशियन बनकर फंसाया जाल में
टोकन मनी के भुगतान के बाद, साइबर ठगों के गिरोह ने अपनी चाल बदली। कुछ ही देर में दूसरे नंबर से कॉल आया और फोन करने वाले ने खुद को कंपनी का विजिटिंग टेक्नीशियन बताया। मशीन ठीक करने की प्रक्रिया पूरी करने और सत्यापन के नाम पर ठगों ने महिला को कई तरह के निर्देशों का पालन करने को कहा।
झांसे में आकर जैसे ही महिला ने उनकी बताई प्रक्रियाओं को पूरा किया, कुछ ही समय के भीतर उनके बैंक खाते से किश्तों में पैसे कटने शुरू हो गए। जब तक नीलम कुमारी कुछ समझ पातीं, तब तक उनके खाते से 8 लाख 27 हजार रुपये उड़ाए जा चुके थे। खाते से इतनी बड़ी रकम की अवैध निकासी देखकर पीड़िता के होश उड़ गए।
तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच में जुटी पुलिस
घटना के बाद पीड़िता ने तुरंत साइबर अपराध थाना पहुंचकर पुलिस को आपबीती सुनाई और अज्ञात ठगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने पीड़िता के बयान पर प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी है। जांच अधिकारी बैंक खातों के लेन-देन (ट्रांजेक्शन ट्रेल), ठगी में इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबरों की लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों को खंगाल रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही गिरोह का पर्दाफाश कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
सुरक्षा सलाह: ऑनलाइन नंबर खोजते समय बरतें सावधानी
- आधिकारिक वेबसाइट का ही करें उपयोग: किसी भी कंपनी या बैंक का कस्टमर केयर नंबर हमेशा उनकी आधिकारिक वेबसाइट या उत्पाद के वारंटी कार्ड/रसीद से ही लें। गूगल या सोशल मीडिया पर मिले अनजान नंबरों पर भरोसा न करें।
- अज्ञात लिंक पर न करें क्लिक: किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर 1, 5 या 10 रुपये का भुगतान करने के लिए भेजे गए लिंक (UPI Link या QR Code) का इस्तेमाल न करें।
- स्क्रीन शेयरिंग ऐप से बचें: कॉल पर रहते हुए कभी भी AnyDesk, TeamViewer या QuickSupport जैसे ऐप डाउनलोड न करें और न ही अपना UPI PIN दर्ज करें।













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