जलेश शर्मा
नीलांबर-पितांबरपुर : पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के यौम-ए-पैदाइश (ईद-उल-मिलादुन्नबी) के मुकद्दस मौके पर प्रखंड के मुरुबार गांव में बुधवार को अकीदत और एहतराम के साथ भव्य जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाला गया। जुलूस के दौरान पूरा इलाका “सरकार की आमद मरहबा” और “या रसूल अल्लाह” के पुरजोश नारों से गूंज उठा। इस दौरान अकीदतमंदों ने पैगंबर साहब के बताए शांति, दया और भाईचारे के रास्ते पर चलने का सामूहिक संकल्प लिया।
मस्जिद से राजोगाड़ी मोड़ तक निकला जुलूस
इस्लामिया कमेटी की अगुवाई में आयोजित यह जुलूस गांव की मस्जिद से शुरू होकर मुख्य रास्तों से गुजरते हुए राजोगाड़ी मोड़ तक पहुंचा, जहां से वह पुनः गांव लौटकर संपन्न हुआ। जुलूस में बच्चे, युवा और बुजुर्ग बड़ी संख्या में हाथों में धार्मिक परचम (झंडे) लिए शामिल हुए। पूरे आयोजन के दौरान सौहार्द और उल्लास का माहौल बना रहा।
पैगंबर साहब की शिक्षाएं आज भी प्रासंगिक: जियाउल हक
मौके पर इस्लामिया कमेटी के सदर मोहम्मद जियाउल हक उर्फ छोटू ने कहा कि पैगंबर मोहम्मद साहब का जीवन पूरी इंसानियत के लिए एक मिसाल है। उन्होंने दुनिया को अमन, मोहब्बत और भाईचारे की राह दिखाई। उनकी शिक्षाएं आज भी प्रासंगिक हैं। हमें समाज के गरीब और जरूरतमंद लोगों की मदद कर उनके आदर्शों को जीवित रखना चाहिए।
मानवता और दया का दिया संदेश: हाजी अजीम
वरिष्ठ समाजसेवी हाजी अजीम अंसारी ने दिन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पर्व पैगंबर साहब के जीवन मूल्यों को याद करने का अवसर है। उन्होंने हमेशा दया और आपसी प्रेम पर जोर दिया, जिसे हर व्यक्ति को अपने जीवन में उतारना चाहिए।
प्रमुख लोगों की रही उपस्थिति
जुलूस में मुख्य रूप से आबिद अंसारी, इदरीश, सिराज, एजाज, दिलशाद अंसारी, अबरार, कालीन जियाउल, गुलाम, खालिद, इरशाद, हकमुद्दीन और मौलाना तौकीर सहित सैकड़ों की संख्या में स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे।
कार्यक्रम के अंत में लोगों ने एक-दूसरे को ईद-उल-मिलादुन्नबी की मुबारकबाद दी। पूरा आयोजन शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।













Leave a Reply