रांची: रांची जिला समाहरणालय में सोमवार को आयोजित जनता दरबार में प्रशासनिक सख्ती और मानवीय संवेदना का मिला-जुला रूप देखने को मिला। जनता दरबार में मुख्य रूप से भूमि विवाद, अवैध कब्जे, दोहरी जमाबंदी और भू-माफिया से जुड़ी शिकायतों की भरमार रही। उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने एक-एक कर आम लोगों की फरियाद सुनी और संबंधित अंचल अधिकारियों व प्रशासनिक पदाधिकारियों को मामलों की निष्पक्ष जांच कर समयबद्ध निष्पादन का कड़ा निर्देश दिया।
बीएसएनएल टावर विवाद व भूमि से जुड़े मामलों पर कड़ा रुख
जनता दरबार में बुंडू के एक जिला परिषद सदस्य ने शिकायत दर्ज कराई कि उनकी खतियानी जमीन पर बिना अनुमति के बीएसएनएल द्वारा कथित तौर पर अवैध रूप से टावर खड़ा कर दिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसी ने तुरंत बीएसएनएल के वरीय अधिकारियों से पत्राचार कर नियमानुसार त्वरित कार्रवाई का निर्देश दिया।
इसके अलावा, पंजी-2 में गड़बड़ी के सुधार, फर्जी कागजातों के आधार पर की गई दोहरी जमाबंदी को रद्द करने, महीनों से लंबित दाखिल-खारिज और अवैध कब्जों से जुड़े आवेदनों पर भी अधिकारियों की जवाबदेही तय की गई।
दिव्यांग कार्तिक खलखो को तुरंत मिली इलेक्ट्रिक ट्राईसाइकिल
जनता दरबार में उस वक्त एक भावुक क्षण आया जब पैर से दिव्यांग कार्तिक खलखो अपनी फरियाद लेकर पहुंचे। उन्होंने अपनी आर्थिक तंगी का हवाला देते हुए आवागमन के लिए एक इलेक्ट्रिक ट्राईसाइकिल की गुहार लगाई। उपायुक्त ने संवेदनशीलता दिखाते हुए मौके पर ही उन्हें इलेक्ट्रिक ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराई और साथ ही दिव्यांग पेंशन योजना से जोड़ने के लिए आवेदन भी तुरंत स्वीकार किया।
इसके अतिरिक्त, रातू (बानीपीड़ी) के एक दिव्यांग फरियादी ने आशंका जताई कि उनका पीला राशन कार्ड रद्द किया जा रहा है। इस पर डीसी ने खाद्य आपूर्ति विभाग को सख्त हिदायत दी कि किसी भी परिस्थिति में राशन कार्ड डिलीट न किया जाए।
इलाज में लापरवाही और पेंशन पुनरीक्षण पर भी संज्ञान
- स्वास्थ्य विभाग पर जांच के निर्देश: अनगड़ा की निर्मला इंदवार ने आरोप लगाया कि अस्पताल की लापरवाही के कारण उनकी बहन की इलाज के दौरान मौत हो गई। उपायुक्त ने सिविल सर्जन को इस मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए, साथ ही आवेदिका को वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) के समक्ष औपचारिक शिकायत दर्ज कराने का परामर्श दिया।
- पेन्शन मामले पर विभागीय स्पष्टीकरण: नामकुम निवासी सेवानिवृत्त आपूर्ति निरीक्षक बसंत कुमार साहू ने सातवें वेतन आयोग के तहत पेंशन पुनरीक्षण में हो रही देरी की शिकायत की। डीसी ने संबंधित कर्मी से स्पष्टीकरण मांगते हुए अविलंब प्रक्रिया पूरी करने के आदेश दिए।
काम में लापरवाही पर तय होगी जवाबदेही: डीसी
उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने उपस्थित सभी अधिकारियों को चेताया कि जनता की समस्याओं के समाधान में अनावश्यक प्रशासनिक देरी कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
”अधिकारी केवल आवेदन जमा न करें, बल्कि की जा रही कार्रवाई की अद्यतन स्थिति (Status) से आवेदक को अवगत भी कराएं, ताकि आम जनता को दफ्तरों के बार-बार चक्कर न काटने पड़ें। काम में ढिलाई बरतने वाले कर्मियों पर सीधी कार्रवाई की जाएगी।”
— मंजूनाथ भजन्त्री, उपायुक्त (रांची)













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