दुबई में फंसे गिरिडीह के मजदूर की सुरक्षित वापसी और देवघर में 13 वर्षीय किशोर की मौत के मामले में मुख्यमंत्री ने मांगी कार्रवाई रिपोर्ट
रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया के माध्यम से सामने आए दो गंभीर मामलों पर तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद प्रशासनिक और पुलिस स्तर पर दोनों मामलों में कार्रवाई की प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है। इनमें गिरिडीह जिले के बगोदर प्रखंड अंतर्गत अटका गांव निवासी मजदूर रामेश्वर दास के दुबई में फंसे होने तथा देवघर में 13 वर्षीय किशोर की कथित पीट-पीटकर हत्या का मामला शामिल है।
दुबई में फंसे मजदूर की सुरक्षित वापसी की पहल
गिरिडीह के बगोदर प्रखंड स्थित अटका गांव निवासी रामेश्वर दास रोजगार की तलाश में 6 मई को दुबई गए थे। परिजनों के अनुसार, पिछले करीब पांच दिनों से उनका मोबाइल फोन बंद है और उनसे किसी प्रकार का संपर्क नहीं हो पा रहा है। अचानक संपर्क टूट जाने के कारण परिवार के लोगों में चिंता का माहौल है।
परिजनों ने सरकार से रामेश्वर दास की स्थिति का पता लगाने तथा उन्हें सुरक्षित वापस झारखंड लाने की गुहार लगाई है। मामले की जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से मुख्यमंत्री तक पहुंचने के बाद हेमंत सोरेन ने इसे गंभीरता से लेते हुए झारखंड प्रवासी प्रकोष्ठ को तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद प्रवासी प्रकोष्ठ द्वारा संबंधित स्तर पर जानकारी जुटाने और मजदूर की वर्तमान स्थिति का पता लगाने की कार्रवाई किए जाने की बात सामने आई है। परिवार को उम्मीद है कि सरकारी हस्तक्षेप से रामेश्वर दास की सुरक्षित वापसी का रास्ता जल्द साफ होगा।
देवघर में किशोर की मौत का मामला भी गंभीरता से लिया
दूसरी ओर, देवघर में 13 वर्षीय किशोर की कथित पीट-पीटकर हत्या के मामले ने भी गंभीर रूप ले लिया है। मृतक की बहन सुरवि केशरी ने इस मामले में पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। घटना को लेकर परिजनों में आक्रोश और न्याय की मांग की स्थिति बनी हुई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने देवघर पुलिस, झारखंड पुलिस और उपायुक्त को पूरे मामले की जांच कर आवश्यक एवं सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों से मामले में की गई कार्रवाई की रिपोर्ट भी उपलब्ध कराने को कहा है।
सरकार के स्तर से मामले का संज्ञान लिए जाने के बाद अब जांच की निष्पक्षता और कार्रवाई पर सभी की नजर है। परिजन पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुरूप कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
सोशल मीडिया के माध्यम से सामने आए मामलों पर सरकार की सक्रियता
मुख्यमंत्री द्वारा दोनों मामलों पर तत्काल संज्ञान लिए जाने से यह संकेत मिला है कि सोशल मीडिया के माध्यम से सामने आने वाली गंभीर जनसमस्याओं और शिकायतों पर सरकार की नजर है। एक ओर जहां विदेश में रोजगार के लिए गए झारखंडी श्रमिक की सुरक्षा और वापसी का मामला है, वहीं दूसरी ओर नाबालिग की मौत से जुड़े गंभीर आरोपों की जांच का विषय है।
अब संबंधित विभागों और अधिकारियों द्वारा की जाने वाली कार्रवाई तथा जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की स्थिति स्पष्ट होगी। दोनों मामलों में पीड़ित परिवारों को शीघ्र न्याय और आवश्यक सरकारी सहायता मिलने की उम्मीद है।













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