नीलाम्बर पिताम्बरपुर (पलामू): कभी सख्त प्रशासनिक कार्रवाई और अतिक्रमण मुक्त अभियानों के लिए मिसाल बना लेस्लीगंज बाजार आज फिर से भू-माफियाओं और अवैध कब्जाधारियों की गिरफ्त में है। क्षेत्र के हृदयस्थली माने जाने वाले इस बाजार में इन दिनों सरकारी जमीनों और सड़कों के किनारों पर दिन के उजाले में खुलेआम पक्के भवनों का निर्माण कराया जा रहा है। ताज्जुब की बात यह है कि इस पूरे अवैध खेल की जानकारी होने के बावजूद जिम्मेदार अंचल अधिकारी व प्रशासनिक तंत्र पूरी तरह मौन साधे हुए हैं।
2013-14 की सख्ती पर फिर फिरा पानी
स्थानीय बुजुर्गों व व्यवसायियों ने याद दिलाते हुए कहा कि वर्ष 2013-14 में तत्कालीन प्रशिक्षु आईएएस सह अंचल अधिकारी शांतनु कुमार अग्रहरि ने एक साहसिक अभियान चलाकर पूरे लेस्लीगंज बाजार को अतिक्रमण मुक्त कराया था। उस दौरान सरकारी भूमि और मुख्य सड़कों को कब्जामुक्त कराए जाने से न सिर्फ यातायात सुगम हुआ था, बल्कि आम लोगों को अपनी दोपहिया गाड़ियां खड़ी करने और पैदल चलने में काफी राहत मिली थी। हालांकि, समय बीतने के साथ अंचल प्रशासन की सुस्ती और अनदेखी के कारण पूरे बाजार क्षेत्र की जमीन और मुख्य सड़कों का पुनः अतिक्रमण कर बारी-बारी से पक्के निर्माण खड़े कर लिए गए।
गांधी चौक से लेकर बाजार तक कब्जाइयों का बोलबाला
वर्तमान में आलम यह है कि गांधी चौक से लेकर पूरे बाजार परिसर की चौड़ाई सिमटकर आधी रह गई है। सड़क किनारे की सरकारी भूमि पर अब अस्थायी दुकानों के बजाय पक्के ढलाई वाले मकान तैयार किए जा रहे हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि दिन के उजाले में बेखौफ होकर काम कराया जा रहा है, जिससे साफ जाहिर होता है कि निर्माणकर्ताओं को कानून या अंचल प्रशासन का कोई खौफ नहीं रह गया है।
अंचल प्रशासन से उठी पैमाइश और कार्रवाई की मांग
बाजार की बदहाली और बढ़ते अतिक्रमण से परेशान स्थानीय लोगों ने अब अंचल अधिकारी व जिला प्रशासन से त्वरित हस्तक्षेप की मांग की है। ग्रामीणों व बुद्धिजीवियों ने संयुक्त रूप से अंचल प्रशासन से मांग की है कि:
- गांधी चौक समेत पूरे बाजार परिसर की निष्पक्ष मापी कराई जाए।
- सरकारी व सड़क की जमीन को चिह्नित कर अवैध निर्माण पर तुरंत रोक लगाई जाए।
- सरकारी संपत्ति पर कब्जा करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
नागरिकों का स्पष्ट कहना है कि यदि प्रशासन ने जल्द ही इस अवैध निर्माण पर नकेल नहीं कसी, तो लेस्लीगंज बाजार पूरी तरह कंक्रीट का जाल बन जाएगा और आने वाले दिनों में आम जनता का चलना-फिरना दूभर हो जाएगा।













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