नीलाम्बर पिताम्बरपुर (पलामू): दो दिनों की मूसलाधार बारिश ने नीलाम्बर पिताम्बरपुर क्षेत्र के पीपरा से भकासी जाने वाली मुख्य सड़क की सूरत पूरी तरह बिगाड़ कर रख दी है। लगभग दो किलोमीटर लंबी यह सड़क अब सड़कमार्ग न रहकर कीचड़ और जलजमाव का टापू बन चुकी है। पीपरा चौक से निकलकर धोबही, किरतो, पहाड़ी कला और पहाड़ी खुर्द होते हुए भकासी तक जाने वाले इस रास्ते पर अब गाड़ियों की आवाजाही तो दूर, पैदल चलना भी किसी जोखिम से कम नहीं रह गया है।
मरम्मत के अभाव में अस्तित्व खोती सड़क
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, इस सड़क का कालीकरण पूर्व विधायक देवेन्द्र कुमार सिंह उर्फ बिट्टू सिंह के कार्यकाल में कराया गया था। हालांकि, निर्माण कार्य पूरा होने के बाद से आज तक संबंधित विभाग द्वारा इसकी सुध नहीं ली गई। नियमित रखरखाव और मरम्मत के अभाव में सड़क धीरे-धीरे जर्जर होती चली गई और आज पूरी राह में अनगिनत बड़े-बड़े गड्ढे उभड़ आए हैं। बारिश का पानी भरने से ये गड्ढे हादसों के मूक गवाह बन चुके हैं।
अतिक्रमण और गंदगी ने बढ़ाई मुसीबत
सड़क की बदहाली का कारण सिर्फ विभागीय उपेक्षा ही नहीं, बल्कि बढ़ता अतिक्रमण भी है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क के दोनों ओर निजी कब्जा कर लिया गया है। कई जगहों पर लोग अपने पालतू मवेशियों को सड़क किनारे ही बांध देते हैं, जिससे मवेशियों का गोबर व गंदगी सीधे सड़क पर फैल जाती है। बारिश के पानी के साथ मिलकर यह गंदगी सड़ांध पैदा कर रही है, जिससे स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और गंभीर रूप से बीमार मरीजों का इस रास्ते से गुजरना नारकीय अनुभव बन गया है।
जनप्रतिनिधियों की चौखट पर गुहार, आश्वासन की राह जोहते ग्रामीण
समस्या से आजिज आ चुके ग्रामीणों ने क्षेत्र की पंचायत मुखिया पूर्णिमा देवी, प्रखंड प्रमुख सुनील पासवान, स्थानीय विधायक डॉ. शशिभूषण मेहता तथा सांसद कालीचरण सिंह तक अपनी आवाज पहुंचाई है। बावजूद इसके, धरातल पर अब तक कोई ठोस पहल नजर नहीं आ रही।
- “फंड की सीमा के कारण पंचायत असहाय” — पूर्णिमा देवी (मुखिया): मुखिया पूर्णिमा देवी ने माना कि सड़क की हालत बेहद चिंताजनक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंचायत के पास इतनी भारी धनराशि उपलब्ध नहीं होती कि दो किलोमीटर लंबी पक्की सड़क का निर्माण या जीर्णोद्धार कराया जा सके। उन्होंने इस संबंध में विधायक और सांसद से व्यक्तिगत रूप से मिलकर निर्माण कराने का आग्रह किया है।
- “राज्य फंड या DMFT से ही संभव है निर्माण” — कालीचरण सिंह (सांसद): सांसद कालीचरण सिंह ने तकनीकी पेंच का हवाला देते हुए बताया कि चूंकि यह सड़क पूर्व में कालीकृत हो चुकी है और इसकी लंबाई मात्र दो किलोमीटर है, इसलिए ‘प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना’ के तहत इसके नए सिरे से स्वीकृति मिलने में वैधानिक अड़चनें हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि क्षेत्रीय विधायक को पहल कर राज्य सरकार की ग्रामीण सड़क निर्माण योजना या फिर जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (DMFT) फंड से इसे स्वीकृत कराना चाहिए, ताकि ग्रामीणों को जल्द राहत मिल सके।
बहाली की मांग तेज
स्थानीय निवासियों ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार से मांग की है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सड़क से तत्काल अतिक्रमण हटाया जाए और विशेष मद से बजट स्वीकृत कर पक्की सड़क का निर्माण कराया जाए, जिससे कि दर्जनों गांवों का संपर्क मुख्य बाजार और अस्पतालों से निर्बाध बना रहे।













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