रांची : JSSC) CGL परीक्षा रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले के खिलाफ चयनित अभ्यर्थियों का आक्रोश अब सड़कों पर दिखाई देने लगा है। मंगलवार को राजधानी रांची में सैकड़ों अभ्यर्थियों ने एकजुट होकर सरकार के इस निर्णय के विरोध में एक विशाल विरोध मार्च निकाला। यह प्रदर्शन मार्च प्रोजेक्ट भवन से शुरू होकर बिरसा चौक तक पहुंचा, जहां अभ्यर्थियों ने सरकार के रुख पर कड़ा विरोध दर्ज कराया।
सड़कों पर गूंजे न्याय के नारे
प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों के भीतर गहरा असंतोष और निराशा देखने को मिली। हाथों में तख्तियां लिए युवाओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। “न्याय दो या फांसी दो” के नारों से पूरा बिरसा चौक परिसर गूंज उठा। अभ्यर्थियों का कहना है कि वे किसी भी कीमत पर अपने हक से समझौता नहीं करेंगे और जब तक उनके हित में फैसला नहीं लिया जाता, तब तक यह लड़ाई जारी रहेगी।
“दोषियों को मिले सजा, निर्दोषों की बलि न चढ़े”
प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों ने सरकार के फैसले को पूरी तरह से अन्यायपूर्ण और एकतरफा करार दिया। आंदोलन में शामिल अभ्यर्थियों का तर्क था कि:
- वर्षों की कड़ी मेहनत: वे दिन-रात एक करके, अपनी योग्यता और ईमानदारी के बल पर परीक्षा में चयनित हुए हैं।
- दोषियों पर हो कार्रवाई: यदि परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर कोई गड़बड़ी या अनियमितता हुई है, तो उसकी निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
- निर्दोषों को सजा क्यों: पूरी परीक्षा प्रक्रिया को रद्द कर देना उन हजारों निर्दोष और मेहनती अभ्यर्थियों के साथ सरासर अन्याय है जिन्होंने अपनी जिंदगी के कई साल इस तैयारी में लगाए।
आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी
प्रोजेक्ट भवन से बिरसा चौक तक चले इस पैदल मार्च के माध्यम से अभ्यर्थियों ने झारखंड सरकार से अविलंब अपने फैसले को वापस लेने और चयनित अभ्यर्थियों के भविष्य को सुरक्षित करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यह केवल एक शुरुआत है। जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं की जातीं, तब तक उनका यह लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण आंदोलन अनवरत जारी रहेगा।













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