मेदिनीनगर: पलामू जिले में युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने और एक नशामुक्त, सशक्त समाज के निर्माण की दिशा में जिला प्रशासन और पलामू पुलिस ने कमर कस ली है। आज समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में नशामुक्त युवा, सशक्त समाज और NCORD (Narco Coordination Centre) की जिला स्तरीय समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता उपायुक्त श्री दिलीप सिंह शेखावत ने की।
बैठक का मुख्य फोकस बच्चों, किशोरों और युवाओं को नशीली दवाओं और अन्य नशीले पदार्थों के जाल से दूर रखने पर केंद्रित था। DC श्री शेखावत ने इस बात पर जोर दिया कि नशा न केवल एक व्यक्ति को बर्बाद करता है, बल्कि पूरे परिवार और समाज के लिए एक गंभीर चुनौती खड़ी करता है। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं के बीच बढ़ती नशीली दवाओं की लत पर गहरी चिंता व्यक्त की।
जागरूकता और शिक्षा पर बल:
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि नशीली दवाओं के खिलाफ एक व्यापक और गहन जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए स्कूलों, कॉलेजों और शिक्षण संस्थानों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। बच्चों और युवाओं को नशे के दुष्परिणामों के बारे में शिक्षित किया जाएगा ताकि वे इससे दूरी बना सकें।
कठोर कार्रवाई और छापेमारी:
पुलिस अधीक्षक कपिल चौधरी ने पुलिस की ओर से सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अपने-अपने क्षेत्रों में अवैध नशीले पदार्थों के कारोबार, भंडारण और बिक्री को तत्काल प्रभाव से रोका जाए और संलिप्त तत्वों पर त्वरित व कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि पुलिस नशीली दवाओं के अवैध व्यापार और वितरण में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी। नशीली दवाओं के संभावित सप्लाई रूट की पहचान कर उन पर छापेमारी की जाएगी। साथ ही, नशीले पदार्थों के तस्करों और विक्रेताओं के नेटवर्क को तोड़ने के लिए खुफिया तंत्र को भी मजबूत किया जाएगा।
शिक्षण संस्थानों के आसपास प्रतिबंध:
बैठक में स्कूल और शिक्षण संस्थानों के आसपास नशीले पदार्थों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का महत्वपूर्ण फैसला लिया गया। उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी शिक्षण संस्थान के 100 मीटर के दायरे में गुटखा, सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पादों की बिक्री नहीं होनी चाहिए। इस नियम का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सामाजिक सहभागिता:
उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक ने इस लड़ाई में सामाजिक सहभागिता के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने नागरिकों, अभिभावकों, शिक्षकों और स्वयंसेवी संगठनों से नशा मुक्त अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही पलामू को नशामुक्त बनाया जा सकता है।
NCORD की भूमिका:
NCORD समिति जिले में नशीली दवाओं के नियंत्रण के लिए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने का काम करेगी। बैठक में उपस्थित विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों ने इस दिशा में अपने-अपने सुझाव दिए और सहयोग का आश्वासन दिया।
यह बैठक पलामू में नशामुक्ति की दिशा में एक ठोस कदम मानी जा रही है। जिला प्रशासन और पुलिस की यह पहल न केवल युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करेगी, बल्कि पलामू को एक स्वस्थ और समृद्ध जिला बनाने में भी मददगार साबित होगी।













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