मेदिनीनगर (पलामू): जिले में कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने, अपराध नियंत्रण तथा जनसामान्य की समस्याओं के त्वरित निष्पादन को लेकर बुधवार को पुलिस अधीक्षक कपिल चौधरी की अध्यक्षता में ब्लॉक-B स्थित सभागार में मासिक अपराध गोष्ठी आयोजित की गई। इस बैठक में जिले के सभी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO), पुलिस निरीक्षक, थाना प्रभारी, ओ.पी. प्रभारी एवं विभिन्न शाखाओं के प्रभारियों ने भाग लिया।
बैठक के दौरान पुलिस अधीक्षक ने जिले की सुरक्षा व्यवस्था, लंबित मामलों के निष्पादन और गश्त प्रणाली को अत्याधुनिक एवं प्रभावी बनाने के लिए कई कड़े व महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए।
जनहित में नई पहल: प्रतिदिन 3 घंटे लगेगा ‘जनता दरबार’
पुलिस और जनता के बीच दूरी घटाने तथा आम लोगों की शिकायतों पर तुरंत सुनवाई सुनिश्चित करने के लिए एसपी कपिल चौधरी ने एक बड़ी पहल की है।
- जिले के सभी थाना प्रभारियों को सख्त निर्देश दिया गया है कि वे प्रतिदिन पूर्वाह्न 11:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक थाना परिसर में ‘जनता दरबार’ आयोजित करेंगे।
- इस दौरान थाना प्रभारी स्वयं अन्य अधिकारियों के साथ मौजूद रहकर आम नागरिकों की समस्याएं सुनेंगे और मौके पर ही त्वरित कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।
CCTV कैमरों से होगी निगरानी
जिले में अपराधों पर अंकुश लगाने और अपराधियों की गतिविधियों को ट्रैक करने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को डिजिटल रूप से मजबूत करने पर जोर दिया गया:
थाना क्षेत्र के सभी पेट्रोल पंप, अस्पताल, स्कूल, होटल, प्रमुख चौक-चौराहों और थानों के प्रवेश व निकास बिंदुओं पर CCTV कैमरे लगवाने के निर्देश दिए गए हैं।
- पुलिस अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में इन कैमरों की स्थापना हेतु आवश्यक और त्वरित कार्रवाई करने को कहा गया है।
गश्ती को हाई-टेक करने हेतु QR कोड स्कैनिंग व्यवस्था
बैठक में गश्ती व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए क्यूआर कोड (QR Code) स्कैनिंग प्रणाली लागू करने पर चर्चा हुई, जिससे गश्ती दल की वास्तविक उपस्थिति और उनकी सक्रियता की डिजिटल ट्रैकिंग की जा सकेगी। इसके साथ ही बीट पुलिसिंग (Beat Policing) के तहत थानों के दैनिक कार्यों का सुव्यवस्थित कार्य-विभाजन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया ताकि हर क्षेत्र की जिम्मेदारी स्पष्ट हो।
समीक्षा व अन्य मुख्य निर्देश:
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- अपराधियों पर कड़ी निगरानी: विगत 10 वर्षों में जेल से छूटे अपराधियों—विशेष रूप से लूट, डकैती, आर्म्स एक्ट, चोरी और गृह-भेदन (नकबजनी) के अभियुक्तों का भौतिक सत्यापन कर उन पर सतत निगरानी रखने का निर्देश दिया गया।
- लंबित मामलों का निष्पादन: जिले के थानों में लंबित कांडों, गैर-जमानती वारंटों और कुर्की-जब्ती के मामलों का शीघ्र निष्पादन करने की हिदायत दी गई।
- नशे के अवैध कारोबार पर प्रहार: मादक पदार्थों (ड्रग्स व अफीम) सिरप की अवैध खरीद-बिक्री एवं तस्करी पर पूरी तरह से रोक लगाने के लिए विशेष अभियान चलाने को कहा गया।
- इमरजेंसी रिस्पॉन्स: ‘डायल-112’ की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए सूचना मिलने पर रिस्पॉन्स टाइम को और बेहतर करने का निर्देश दिया गया।
“आगामी माह की अपराध गोष्ठी में आज दिए गए सभी एजेंडा बिंदुओं और निर्देशों पर की गई कार्रवाई की बिंदुवार समीक्षा की जाएगी। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त रुख अपनाया जाएगा।”
— कपिल चौधरी , पुलिस अधीक्षक, पलामू













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