नई दिल्ली/मेदिनीनगर: पलामू संसदीय क्षेत्र के विकास और जनसुरक्षा के मुद्दे को लेकर सांसद श्री विष्णु दयाल राम ने आज लोकसभा में नियम 377 के तहत एक अत्यंत महत्वपूर्ण मामला उठाया। उन्होंने भारत माला परियोजना के अंतर्गत बन रहे NH-39 (सेक्शन-3, भोगू से शंखा) डालटनगंज 4-लेन बाईपास के दो प्रमुख स्थानों पर फ्लाईओवर निर्माण की आवश्यकता पर बल दिया।
‘ब्लैक स्पॉट’ बन रहे हैं पोखराहा और जोड़ क्रॉसिंग
सांसद ने सदन को अवगत कराया कि डालटनगंज 4-लेन बाईपास का निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है, जो रांची-वाराणसी कॉरिडोर का एक हिस्सा है। हालांकि, इस परियोजना के डिजाइन में पोखराहा (डालटनगंज-पांकी मुख्य मार्ग) और जोड़ (डालटनगंज बैरिया-पाटन मार्ग) पर निर्मित वर्तमान क्रॉसिंग तकनीकी रूप से असुरक्षित साबित हो रही हैं।
उन्होंने कहा, “इन दोनों स्थानों पर बाईपास सड़क पथ निर्माण विभाग की अत्यधिक व्यस्त सड़कों को काटती है। यहाँ भारी वाहनों, स्कूली बसों और स्थानीय ग्रामीणों का निरंतर आवागमन रहता है, जिससे ये स्थल ‘ब्लैक स्पॉट’ में तब्दील हो गए हैं।”
बढ़ती दुर्घटनाओं पर जताई गहरी चिंता
श्री राम ने सुरक्षा मानकों पर सवाल उठाते हुए कहा कि वर्तमान क्रॉसिंग व्यवस्था इतनी खतरनाक है कि हाल के महीनों में यहाँ कई गंभीर सड़क दुर्घटनाएँ हो चुकी हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि एक बार बाईपास पूर्ण रूप से चालू होने और वाहनों की गति बढ़ने के बाद, दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ जाएगा। इससे स्थानीय किसानों, छात्रों और आम जनता के जीवन पर सीधा संकट मंडरा रहा है।
सड़क परिवहन मंत्रालय से अविलंब स्वीकृति की मांग
लोकसभा के माध्यम से भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से मांग करते हुए सांसद ने कहा कि:
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- पोखराहा और जोड़ क्रॉसिंग को आधिकारिक तौर पर ‘ब्लैक स्पॉट्स’ के रूप में चिन्हित किया जाए।
- जनहित और सुरक्षा को देखते हुए इन दोनों स्थानों पर फ्लाईओवर निर्माण को तत्काल तकनीकी और वित्तीय स्वीकृति प्रदान की जाए।
सांसद का कथन: “यह परियोजना क्षेत्र की आर्थिक उन्नति और सुगम परिवहन के लिए रीढ़ की हड्डी है, लेकिन विकास की कीमत स्थानीय लोगों की जान देकर नहीं चुकाई जा सकती। फ्लाईओवर का निर्माण ही एकमात्र स्थायी समाधान है।”
क्षेत्रीय विकास के लिए महत्वपूर्ण है यह कॉरिडोर
बताते चलें कि NH-39 का यह खंड पलामू और आसपास के जिलों के लिए लाइफलाइन माना जा रहा है। सांसद द्वारा सदन में इस मुद्दे को उठाए जाने के बाद अब स्थानीय लोगों में उम्मीद जगी है कि एनएचएआई (NHAI) अपने मूल नक्शे में बदलाव कर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करेगा।














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