नीलांबर-पितांबरपुर (पलामू): प्रखंड के राजहारा स्थित सेमरिया खाला गांव में स्वास्थ्य सहिया की चयन प्रक्रिया को लेकर ग्रामीणों में भारी असंतोष व्याप्त है। ग्रामीणों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के प्रभारी डॉ. राजीव रंजन और चयन प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों पर अनियमितता बरतने और पक्षपात का गंभीर आरोप लगाया है। लगातार हंगामे और पर्यवेक्षक के न पहुंचने के कारण शनिवार को प्रस्तावित चयन प्रक्रिया को एक बार फिर टालकर 16 सितंबर की नई तारीख तय की गई है।
पोषक क्षेत्र से बाहर के लोगों को शामिल करने का आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले दो-तीन महीनों से सहिया चयन की प्रक्रिया लटका कर रखी गई है। इससे पूर्व आयोजित आमसभा में पोषक क्षेत्र से बाहर के लोगों को अनुचित तरीके से शामिल कराकर एक खास महिला का चयन कराने का प्रयास किया गया था।
स्थानीय लोगों ने इस फर्जीवाड़े की लिखित शिकायत पांकी विधायक कुशवाहा डॉ. शशि भूषण मेहता और सीएचसी प्रभारी डॉ. राजीव रंजन से की थी। ग्रामीणों के कड़े विरोध और शिकायत के बाद उस विवादित चयन प्रक्रिया को रद्द कर दिया गया था और शनिवार को पुनः आमसभा बुलाने का निर्णय लिया गया था।
पर्यवेक्षक के न पहुंचने से फिर टली आमसभा
शनिवार को तय समय पर दर्जनों की संख्या में ग्रामीण सेमरिया खाला में आमसभा स्थल पर एकत्र हुए, लेकिन चयन प्रक्रिया कराने के लिए कोई भी प्रशासनिक पर्यवेक्षक मौके पर नहीं पहुंचा। पर्यवेक्षक की अनुपस्थिति से नाराज ग्रामीणों ने जमकर प्रदर्शन किया और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
प्रशासनिक स्तर पर स्थिति को संभालते हुए अब सहिया चयन के लिए 16 सितंबर की अगली तिथि निर्धारित की गई है।
पारदर्शी चुनाव कराने की मांग
ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 16 तारीख को होने वाली आमसभा में भी नियमों की अनदेखी की गई या बाहरी लोगों को प्रवेश देकर निष्पक्षता से खिलवाड़ किया गया, तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। ग्रामीणों की मांग है कि सहिया का चयन पूरी तरह से पारदर्शी तरीके से केवल पोषक क्षेत्र की योग्य स्थानीय महिला का ही किया जाए।













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