मेदिनीनगर (पलामू ) : राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय (जीईसी), पलामू के प्रांगण में शनिवार को नवप्रवेशित बी.टेक. (बैच 2026–30) विद्यार्थियों के लिए आयोजित सात दिवसीय इंडक्शन प्रोग्राम ‘आरंभिका 2026’ के दूसरे दिन शिक्षक दिवस समारोह अत्यंत उत्साह, गरिमा और उल्लासपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर संस्थान में शैक्षणिक दिशा-निर्देशन के साथ-साथ तकनीकी एवं करियर उन्मुखीकरण सत्रों का भी आयोजन किया गया
मुख्य अतिथि ने दी प्रेरणा
समारोह के मुख्य अतिथि बाबू दिनेश सिंह विश्वविद्यालय, गढ़वा के कुलपति प्रो. डॉ. मंटून कुमार सिंह रहे। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि, जीईसी पलामू के प्राचार्य प्रो. डॉ. संजय कुमार सिंह एवं वरिष्ठ संकाय सदस्यों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलन और भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर माल्यार्पण व पुष्पांजलि अर्पित कर की गई।
प्राचार्य डॉ. संजय कुमार सिंह ने मुख्य अतिथि को शॉल और स्मृति चिह्न (मोमेंटो) भेंट कर सम्मानित किया। इस दौरान मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के छात्र साहिल रवि दास ने प्राचार्य को स्वयं द्वारा बनाया गया हस्तनिर्मित पोट्रेट (रेखाचित्र) भेंट कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।
नवागत इंजीनियरों को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि प्रो. डॉ. मंटून कुमार सिंह ने कहा कि इंजीनियरिंग केवल एक डिग्री नहीं, बल्कि समाज की समस्याओं के समाधान की एक दृष्टि है। उन्होंने विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारण, जीवन प्रबंधन और नवाचार की खोज के महत्व पर प्रकाश डालते हुए अनुशासित, जिज्ञासु और सतत प्रयासरत रहने की सीख दी।
करियर और कोडिंग पर तकनीकी सत्र
शिक्षक दिवस समारोह के साथ-साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए दो विशेष उन्मुखीकरण सत्र आयोजित किए गए:
ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट : संस्थान की प्लेसमेंट टीम ने विद्यार्थियों को प्रथम वर्ष से ही करियर प्लानिंग, स्किल डेवलपमेंट, इंटर्नशिप, बेहतर कम्युनिकेशन स्किल्स, रिज्यूमे मेकिंग और कैंपस प्लेसमेंट की तैयारियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
कोडहैक क्लब: तकनीकी गतिविधियों से जोड़ने के उद्देश्य से कोडहैक क्लब ने नवागत छात्रों को आधुनिक कोडिंग, कॉम्पिटिटिव प्रोग्रामिंग, हैकाथॉन प्रतियोगिताओं और ओपन-सोर्स प्लेटफॉर्म्स के महत्व से अवगत कराया।
सफल संचालन में इनका रहा योगदान
कार्यक्रम को सफल बनाने में इंडक्शन प्रोग्राम के संयोजक डॉ. सुमित कुमार एवं समन्वयक डॉ. मुरली मनोहर की केंद्रीय भूमिका रही। इनके साथ ही इंडक्शन प्रोग्राम समिति के सदस्यों, विभिन्न संकाय सदस्यों, वरिष्ठ छात्र समन्वयकों और स्वयंसेवकों ने सक्रिय भूमिका निभाई। समारोह का समापन राष्ट्रगान और औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।













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