Advertisement

गिरिडीह में 10 करोड़ से अधिक का बड़ा फर्जीवाड़ा: ‘राधास्वामी संगठन’ के प्रदेश अध्यक्ष समेत 4 गिरफ्तार, सब्सिडी का झांसा देकर सैकड़ों लोगों को ठगा

गिरिडीह : जिले में सरकारी व गैर-सरकारी योजनाओं के नाम पर भारी सब्सिडी का लालच देकर करोड़ों रुपये ऐंठने वाले एक बड़े रैकेट का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। ‘राधास्वामी संगठन’ नाम की संस्था के जरिए लगभग 10 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी करने के आरोप में पुलिस ने संगठन के प्रदेश अध्यक्ष सहित चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

अनुदान और आसान किस्त का दिया झांसा

​जांच में सामने आया कि गिरिडीह और आसपास के क्षेत्रों में संगठन के पदाधिकारियों ने ग्रामीणों और आम लोगों को 40 प्रतिशत से लेकर 80 प्रतिशत तक के भारी अनुदान (सब्सिडी) पर वाहन (दुपहिया और चार पहिया), सिलाई मशीन, इलेक्ट्रॉनिक सामान तथा आवास निर्माण जैसी सुविधाएं दिलाने का लालच दिया था।

​ठगों ने पीड़ितों को भरोसा दिलाया था कि उन्हें कुल कीमत का केवल एक छोटा सा हिस्सा ही जमा करना होगा, जबकि बाकी रकम संगठन द्वारा सब्सिडी के रूप में दी जाएगी। इसके अलावा, जिन वाहनों को फाइनेंस पर लिया गया, उनकी मासिक किस्तें (EMI) भी संगठन की ओर से भरने का वादा किया गया था।

ऐसे खुली ठगी की पोल

​कुछ समय तक शुरुआती किस्तों का भुगतान करने का नाटक करने के बाद संगठन के लोगों ने हाथ खींच लिए। नतीजतन, बैंक और फाइनेंस कंपनियों ने गाड़ियों के असली खरीदारों (पीड़ितों) को रिकवरी नोटिस भेजना और गाड़ियां जब्त करना शुरू कर दिया।

​जब दर्जनों पीड़ित वित्तीय संकट और कानूनी पचड़े में फंस गए, तो उन्हें ठगी का अहसास हुआ। इसके बाद 30 से अधिक पीड़ितों ने एक साथ मुफसिल थाना/नगर थाना क्षेत्र में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई शुरू की।

पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारियां

​मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की एक विशेष टीम का गठन किया गया। छापेमारी के दौरान पुलिस ने ‘राधास्वामी संगठन’ के प्रदेश अध्यक्ष और उनके तीन मुख्य सहयोगियों को गिरफ्तार कर लिया।

बरामदगी:

  • ​ठगी से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, रजिस्टर और पासबुक।
  • ​पीड़ितों से लिए गए चेक और फर्जी अनुबंध पत्र।
  • ​इलेक्ट्रॉनिक उपकरण एवं डिजिटल साक्ष्य।

जांच का दायरा और पुलिस का बयान

​पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में ठगी का यह आंकड़ा 10 करोड़ रुपये के आसपास दिख रहा है, लेकिन जैसे-जैसे और पीड़ित सामने आ रहे हैं, यह राशि और बढ़ सकती है। पुलिस अब संगठन के बैंक खातों को फ्रीज करने तथा इस गिरोह के अन्य सहयोगियों व नेटवर्क की तलाश में जुटी है।

पुलिस की अपील: प्रशासन ने आम जनता से सतर्क रहने की अपील की है कि वे किसी भी गैर-मान्यता प्राप्त संस्था, ट्रस्ट या एनजीओ द्वारा दिए जाने वाले अत्यधिक अनुदान या ‘मुफ्त लोन’ जैसे लुभावने दावों के झांसे में न आएं और अपनी मेहनत की कमाई को सुरक्षित रखें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Copyright 2026. All right reserved. Loktantra TV News Website Design by E- MEDIA Web & App - 7999906109
error: Content is protected !!