लोहरदगा : जिले के सदर थाना क्षेत्र अंतर्गत महुआ टोली गांव के समीप बाईपास सड़क पर बन रहे पुल के निर्माण स्थल पर गुरुवार को बेखौफ हथियारबंद अपराधियों ने जमकर उत्पात मचाया। दो नकाबपोश अपराधियों ने दहशत फैलाने की नीयत से तीन राउंड अंधाधुंध फायरिंग की और निर्माण स्थल पर खड़े एक हाइवा (डंपर) को आग के हवाले कर दिया। इस आपराधिक हमले में वहां तैनात सुरक्षा गार्ड भूषण गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि एजेंसी का एक अन्य कर्मचारी बाल-बाल बच गया।
सोए हुए कर्मचारी पर दो राउंड फायर, गार्ड की बांह में लगी गोली
घटनाक्रम के संबंध में प्राप्त जानकारी के अनुसार, दोनों अपराधी मुख्य सड़क से लगभग डेढ़ किलोमीटर पैदल चलकर निर्माण स्थल तक पहुंचे थे। वारदात के वक्त निर्माण एजेंसी का कर्मचारी राजकुमार यादव परिसर में खड़ी एक पिकअप गाड़ी के भीतर सो रहा था। अपराधियों ने उसे जगाकर तुरंत वहां से भाग जाने की चेतावनी दी और देखते ही देखते उस पर दो राउंड गोलियां चला दीं। हालांकि, इस हमले में राजकुमार संयोगवश बाल-बाल बच गया।
इसके तुरंत बाद अपराधियों ने वहां मुस्तैद सुरक्षा गार्ड भूषण को निशाना बनाते हुए एक राउंड फायरिंग की। गोली गार्ड की बांह में जा लगी, जिससे वह लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ा। वारदात को अंजाम देने के बाद अपराधियों ने परिसर में खड़े हाइवा में आग लगा दी और मौके से फरार हो गए।
प्राथमिक उपचार के बाद घायल गार्ड रिम्स रेफर
घटना के बाद निर्माण स्थल पर अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया। सहकर्मियों की मदद से घायल गार्ड भूषण को तत्काल लोहरदगा सदर अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक चिकित्सा के उपरांत डॉक्टरों ने उसकी स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए रांची स्थित रिम्स (RIMS) रेफर कर दिया। चिकित्सकों के अनुसार घायल गार्ड की स्थिति फिलहाल खतरे से बाहर और स्थिर बनी हुई है।
एसपी और थाना प्रभारी ने संभाला मोर्चा, छापेमारी तेज
घटना की सूचना मिलते ही सदर थाना प्रभारी रत्नेश मोहन ठाकुर पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की छानबीन शुरू की। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक (एसपी) सादिक अनवर रिजवी ने भी खुद वारदात स्थल का निरीक्षण किया और कर्मचारियों व चश्मदीदों से घटना की विस्तृत जानकारी ली।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि अपराधियों ने वारदात में देसी कट्टे का इस्तेमाल किया था। पुलिस की फॉरेंसिक टीम ने मौके से जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं।
रंगदारी की शिकायत नहीं, जांच में जुटी पुलिस
पुलिस प्रशासन के लिए यह घटना इसलिए भी चिंता का विषय बनी हुई है क्योंकि निर्माण एजेंसी की ओर से पूर्व में रंगदारी या लेवी (लेवी/रंगदारी) मांगे जाने संबंधी कोई लिखित या मौखिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी। अचानक हुए इस सुनियोजित हमले और आगजनी से क्षेत्र के ठेकेदारों व निर्माण कर्मियों में भय का माहौल व्याप्त है। एसपी सादिक अनवर रिजवी ने बताया कि अपराधियों की पहचान के लिए संभावित ठिकानों पर सघन छापेमारी की जा रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।













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