Advertisement

संसद में विपक्ष का नुक्कड़ नाटक

नई दिल्ली। विपक्षी पार्टियों ने मानसून सत्र के दूसरे हफ्ते के आखिरी कामकाजी दिन यानी शुक्रवार को संसद परिसर को नुक्कड़ नाटक की जगह बना दिया। विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में राममंदिर चढ़ावा चोरी को एक नाटक के जरिए प्रदर्शित किया। इसमें कांग्रेस समर्थित निर्दलीय सांसद पप्पू यादव भगवा कपड़ा पहन कर साधु बने थे और दान पेटी लेकर बैठे हुए था। सांसद जाकर उसमें पैसे डाल रहे थे। बाद में पप्पू यादव दान वाली पेटी लेकर भाग गए।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी इस नाटक के मंचन का हिस्सा बने। उन्होंने भी साधु बने पप्पू यादव के पास जाकर दान पेटी में चंदा डाला। भाजपा ने विपक्ष के इस नुक्कड़ नाटक पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। सोशल मीडिया में भी इसे लेकर कांग्रेस और अन्य विपक्षी पार्टियों की आलोचना हो रही है। कहा जा रहा है कि विपक्ष साधु संतों को बदनाम कर रहा है। गौरतलब है कि पिछले दो दिन से समाजवादी पार्टी के सांसद संसद परिसर में दान पेटी रख कर अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावा चोरी का मुद्दा उठा रहे थे।

बहरहाल, शुक्रवार को विपक्षी सांसदों ने एक बार फिर अमित शाह की गैरहाजिरी का मुद्दा उठाया। कई सांसद बैनर लेकर पहुंचे था, जिस पर लिखा था ‘अमित शाह संसद से गायब क्यों’? गौरतलब है कि बुधवार को लोकसभा में पेपर लीक बिल पास हुआ था और उसके बाद से फिर हंगामा शुरू हो गया। शुक्रवार की सुबह भी कार्यवाही शुरू होते ही हंगामा चालू हो गया, जिसकी वजह से कार्यवाही एक घंटे के लिए स्थगित करनी पड़ी।

लोकसभा की कार्यवाही दोबारा 12 बजे शुरू हुई तो जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) बिल, 2026 ध्वनि मत से पास हुआ। उधर राज्यसभा में भी शुक्रवार को हंगामा हुआ। इससे पहले गुरुवार को पेपर लीक बिल राज्यसभा से पास किया गया था। हंगामे की वजह से लोकसभा और राज्यसभा तीन अगस्त तक के लिए स्थगित कर दी गई।

इससे पहले कांग्रेस ने केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह के संसद में दिए गए बयान को लेकर उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव पेश दिया। डॉक्टर जितेंद्र सिंह ने कहा था कि जंतर मंतर और संसद मार्च में प्रदर्शनकारियों पर फायरिंग नहीं हुई थी। विपक्ष का दावा है कि फायरिंग हुई थी। गलत जानकारी देने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस ने विशेषाधिकार हनन नोटिस दिया है। शुक्रवार को संसदीय कार्य मंत्री कीरेन रिजिजू ने विपक्ष से कहा, ‘हम चाहते हैं कि भविष्य में ऐसा न हो। आप चर्चा में शामिल नहीं होते और बाहर जाकर कहते हैं कि सरकार चर्चा नहीं कराती। अगला बिल लेकर आएंगे और आप हंगामा करेंगे तो अच्छा नहीं होगा। चर्चा करें, हंगामा ना करें’।

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Copyright 2026. All right reserved. Loktantra TV News Website Design by E- MEDIA Web & App - 7999906109
error: Content is protected !!