जमशेदपुर : सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश और ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों से आ रहे पानी के कारण सुवर्णरेखा नदी का जलस्तर खतरे के निशान की ओर तेजी से बढ़ रहा है। नदी के उफान पर आने से ऐतिहासिक व धार्मिक महत्व वाले जयदा मंदिर की ओर जाने वाली पुलिया पूरी तरह जलमग्न हो चुकी है। पुलिया के ऊपर से नदी का तेज बहाव होने के कारण मंदिर का संपर्क मुख्य मार्ग से पूरी तरह कट गया है और रास्ता बंद हो चुका है।
जलस्तर में अचानक हुई इस वृद्धि के कारण मंदिर परिसर में मौजूद महंत केशवानंद सरस्वती समेत लगभग एक दर्जन श्रद्धालु और स्थानीय लोग वहीं फंस गए हैं। हालांकि, वे सभी मंदिर परिसर के सुरक्षित ऊपरी हिस्से में मौजूद हैं।
प्रशासनिक महकमा अलर्ट, पुलिया पर आवागमन पूरी तरह ठप्प
स्थानीय ग्रामीणों द्वारा नदी के बढ़ते जलस्तर और स्थिति की गंभीरता की सूचना दिए जाने के तुरंत बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस टीम हरकत में आई। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने एहतियातन जयदा मंदिर की जलमग्न पुलिया पर दोनों ओर से आवागमन को तत्काल प्रभाव से रोक दिया है। किसी भी अनहोनी से बचने के लिए पुलिया के समीप पुलिस बलों की तैनाती की गई है ताकि कोई भी उफनती नदी को पार करने का जोखिम न उठाए।
”जलस्तर में काफी तेजी से बढ़ोतरी हुई है, जिसके कारण पुलिया डूब चुकी है। सुरक्षा कारणों से आवागमन पूरी तरह बंद कर दिया गया है। मंदिर में फंसे लोगों से संवाद साधा जा रहा है, वे सुरक्षित स्थान पर हैं। हमारी अपील है कि जब तक पानी का बहाव कम न हो, कोई भी नदी की ओर न जाए।”
— प्रशासनिक अधिकारी, सरायकेला-खरसावां
प्रशासन की चेतावनी: तेज बहाव के बीच रास्ता पार करना हो सकता है जानलेवा
स्थानीय प्रशासन ने क्षेत्र के ग्रामीणों और श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे जलस्तर कम होने तक धैर्य बनाए रखें और पुलिया पार करने की कोशिश बिल्कुल न करें। प्रशासन ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि उफनती सुवर्णरेखा नदी और पुलिया के ऊपर तेज बहाव के बीच आवाजाही करने का प्रयास जानलेवा साबित हो सकता है। मंदिर के अंदर मौजूद लोगों को भी पानी उतरने तक परिसर के भीतर ही सुरक्षित रहने की सलाह दी गई है। जिला प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।













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