मेदिनीनगर (पलामू) : पलामू जिले में कम बारिश और भीषण गर्मी के कारण उपजे सूखे के संकट को देखते हुए राज्य सरकार हरकत में आ गई है। जिले में कृषि और सिंचाई कार्य प्रभावित न हों, इसके लिए बिजली आपूर्ति की लचर व्यवस्था को तुरंत दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। गुरुवार को समाहरणालय सभागार में वित्त, योजना एवं विकास, वाणिज्यकर तथा संसदीय कार्य मंत्री श्री राधाकृष्ण किशोर की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया।
बैठक में मुख्य रूप से किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त और निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।
मांग 270 मेगावाट, मिल रही केवल 183 मेगावाट बिजली
बैठक की शुरुआत में मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने पलामू जिले की बिजली आवश्यकता और वर्तमान आपूर्ति की समीक्षा की। विद्युत विभाग के अधिकारियों ने बताया कि:
- जिले की कुल मांग: लगभग 270 मेगावाट
- वर्तमान आपूर्ति: मात्र 183 मेगावाट
- बिजली की कमी: करीब 87 मेगावाट
इस भारी घाटे पर चिंता व्यक्त करते हुए मंत्री ने कहा कि पलामू प्रमंडल पहले से ही कम बारिश और गर्मी की मार झेल रहा है। ऐसी स्थिति में किसानों के लिए नियमित बिजली आपूर्ति जीवन रेखा के समान है। उन्होंने अधिकारियों को कृषि कार्यों को पहली प्राथमिकता पर रखकर बिजली व्यवस्था सुधारने का सख्त निर्देश दिया।
ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने और लो-वोल्टेज की समस्या दूर करने के निर्देश
बैठक में खेतों में बढ़े हुए कृषि भार और लो-वोल्टेज की समस्या पर भी गहन चर्चा हुई। मंत्री ने जर्जर तारों को बदलने और ट्रांसफार्मरों की क्षमता (Capacity) अपग्रेड करने के निर्देश दिए:
- 25 KVA के ट्रांसफार्मर को 63 KVA में बदला जाएगा।
- 63 KVA के ट्रांसफार्मर को 100 KVA में अपग्रेड किया जाएगा।
मंत्री श्री किशोर ने आश्वस्त किया कि वे स्वयं अपने स्तर से तत्काल 63 KVA और 100 KVA क्षमता के नए ट्रांसफार्मर उपलब्ध कराने की पहल करेंगे।
रोज जल रहे 20 से 25 ट्रांसफार्मर
विद्युत विभाग के अधिकारियों ने बैठक में बताया कि अत्यधिक लोड के कारण जिले में रोजाना करीब 20 से 25 ट्रांसफार्मर जल रहे हैं, जिससे ग्रामीण इलाकों में अंधेरा छा जाता है। अधिकारियों ने विभाग से 200-200 की संख्या में 63 KVA और 100 KVA के नए ट्रांसफार्मर की मांग की, जिस पर मंत्री ने शीघ्र कार्रवाई का भरोसा दिया।
छत्तरपुर और नौडीहा ग्रिड निर्माण की सुस्त रफ्तार पर नाराजगी
छत्तरपुर और नौडीहा बाजार में निर्माणाधीन विद्युत ग्रिड की समीक्षा के दौरान यह बात सामने आई कि वन विभाग से NOC (अनापत्ति प्रमाण पत्र) न मिलने और संवेदक (ठेकेदार) की लापरवाही के कारण काम अटका हुआ है।
मंत्री ने संबंधित पदाधिकारियों और वन विभाग के अधिकारियों को आपसी समन्वय बनाकर वन भूमि से जुड़ी बाधाओं को तुरंत दूर करने और निर्माण कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया।
बैठक में ये वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
इस समीक्षा बैठक में पलामू के उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत, वन प्रमंडल पदाधिकारी सत्यम कुमार, झारखंड विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) मेदिनीनगर के महाप्रबंधक, अधीक्षण अभियंता, डालटनगंज एवं छत्तरपुर विद्युत आपूर्ति प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता तथा पाटन, छत्तरपुर और नौडीहा बाजार के प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) मुख्य रूप से उपस्थित थे।













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