मेदिनीनगर ( पलामू ): जिले के पिपराटांड़ थाना क्षेत्र में हुई एक महिला की संदिग्ध मौत की गुत्थी को पुलिस ने महज 11 दिनों के भीतर सुलझा लिया है। पुलिस की सघन जांच में यह चौंकाने वाला सच सामने आया है कि महिला ने आत्महत्या नहीं की थी, बल्कि उसकी निर्मम हत्या की गई थी। पुलिस ने इस मामले में मृतका के पति को मुख्य आरोपी के तौर पर गिरफ्तार कर लिया है, जिसे सोमवार को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
क्या था पूरा मामला और कैसे रची गई साजिश?
सोमवार को लेस्लीगंज पुलिस अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीपीओ) प्रशांत कुमार ने एक विशेष प्रेसवार्ता आयोजित कर इस अंधे हत्याकांड का पर्दाफाश किया। उन्होंने बताया कि पिपराटांड़ थाना कांड संख्या-36/2026 के तहत दर्ज इस मामले की जब परतें खोली गईं, तो एक खौफनाक सच सामने आया।
अनुसंधान में यह बात स्पष्ट हुई कि पति और पत्नी के बीच किसी बात को लेकर तीखा विवाद हुआ था। इसी घरेलू विवाद के दौरान 21 वर्षीय आरोपी पति सतीफ अंसारी ने तैश में आकर अपनी पत्नी की गला दबाकर हत्या कर दी। हत्या के बाद पुलिस और कानून से बचने के लिए आरोपी ने एक शातिर चाल चली। उसने साक्ष्य मिटाने और हत्या को आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को घर की छत में लगी लकड़ी की कड़ी से रस्सी के सहारे लटका दिया।
परिजनों की शिकायत पर शुरू हुई थी जांच
इस पूरी घटना के बाद मृतका के परिजनों ने पुलिस को लिखित आवेदन देकर अपनी बेटी की हत्या की आशंका जताई थी। उनका स्पष्ट आरोप था कि उनकी बेटी की हत्या कर उसे आत्महत्या का रूप दिया जा रहा है। परिजनों की इसी शिकायत के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्राथमिकी दर्ज की और मामले की तहकीकात शुरू कर दी।
तकनीकी साक्ष्यों ने खोला राज
एसडीपीओ प्रशांत कुमार ने बताया कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने पारंपरिक पूछताछ के साथ-साथ वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्यों का भी सहारा लिया। घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया गया और विभिन्न लोगों से कड़ी पूछताछ की गई। पुलिस द्वारा जुटाए गए साक्ष्यों और पूछताछ के दौरान आए विरोधाभासों ने आरोपी पति को बेनकाब कर दिया, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
अन्य नामजद आरोपियों पर भी लटकी तलवार
एसडीपीओ ने स्पष्ट किया है कि मुख्य आरोपी पति की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस मामले में नामजद अन्य आरोपितों की भूमिका की भी बारीकी से जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि जांच में यदि अन्य लोगों की संलिप्तता पाई जाती है, तो उनके खिलाफ भी आवश्यकता अनुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पिपराटांड़ थाना प्रभारी की भूमिका की सराहना
प्रेसवार्ता के अंत में एसडीपीओ प्रशांत कुमार ने बताया कि इस जटिल मामले के सफल उद्भेदन में पिपराटांड़ थाना प्रभारी निलेश कुमार और उनकी पूरी पुलिस टीम की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही। पुलिस टीम ने पूरी तत्परता, पेशेवर सूझबूझ और तकनीकी अनुसंधान का उत्कृष्ट उदाहरण पेश करते हुए महज 11 दिनों में इस हत्याकांड का खुलासा कर दिया। इलाके में पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की व्यापक सराहना हो रही है













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