पलामू / जमशेदपुर: जमशेदपुर के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल डिमना लेक में बीती रात एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है, जहाँ एक मोबाइल को पानी से निकालने और अपने साथी की जान बचाने के प्रयास में दो होनहार युवकों की डूबने से मौत हो गई। मृतकों में पलामू जिले के अंतर्गत तरहसी थाना क्षेत्र के बिनेका गाँव निवासी 22 वर्षीय डॉ. सक्षम कुमार पिता: सतेंद्र सिंह बताया गया। इस भीषण दुर्घटना के बाद बिनेका सहित पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है।
ड्यूटी के बाद घूमने निकले थे तीन दोस्त
प्राप्त जानकारी के अनुसार, डॉ. सक्षम जमशेदपुर में कार्यरत थे और बीती रात करीब 11:00 बजे अपनी ड्यूटी समाप्त करने के बाद अपने दो अन्य दोस्तों के साथ डिमना लेक की ओर घूमने निकले थे। लेक के किनारे घूमने के दौरान ही तीनों दोस्तों में से एक का मोबाइल फोन अचानक पानी में गिर गया।
मोबाइल निकालने के लिए संबंधित युवक पानी में उतरा, लेकिन झील के पानी का अंदाजा न होने के कारण वह गहराई में जाकर डूबने लगा। अपने साथी को छटपटाता और डूबता देख डॉ. सक्षम ने बिना अपनी जान की परवाह किए पानी में छलांग लगा दी। हालांकि, पानी अत्यधिक गहरा होने के कारण डॉ. सक्षम भी खुद को संभाल नहीं सके और गहरे पानी में समा गए।
तीसरे दोस्त को स्थानीय गोताखोरों ने बचाया
दोनों दोस्तों को आँखों के सामने डूबता देख तीसरे साथी ने भी हिम्मत दिखाते हुए पानी में उतरकर उन्हें बचाने का प्रयास किया। चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद गोताखोरों और स्थानीय लोगों की नजर घटना पर पड़ी। गोताखोरों ने तत्काल तत्परता दिखाते हुए तीसरे युवक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जिससे उसकी जान बच गई।
हादसे की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस को दी गई। मौके पर पहुँची गोताखोरों की टीम ने लेक में रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। पुलिस व गोताखोरों के कड़े प्रयासों के बाद अब तक एक युवक का शव बरामद कर लिया गया है, जबकि दूसरे डूबे हुए युवक की तलाश के लिए देर रात तक खोजी अभियान जारी रहा।
सपनों का अंत गाँव में पसरा सन्नाटा
डॉ. सक्षम के पिता सतेंद्र सिंह एक निजी कंपनी में बतौर इंजीनियर राजस्थान में कार्यरत हैं। जैसे ही उन्हें और परिजनों को जमशेदपुर में हुए इस दुखद हादसे की खबर मिली, परिवार में कोहराम मच गया। परिजन बदहवास स्थिति में अपने गृह ग्राम बिनेका के लिए रवाना हो चुके हैं।
बिनेका जैसे सुदूरवर्ती और ग्रामीण क्षेत्र से निकलकर डॉक्टर बनने वाले सक्षम पूरे गाँव की उम्मीद थे। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें उम्मीद थी कि सक्षम डॉक्टर बनकर अपने गाँव और आसपास के क्षेत्रों के लोगों की सेवा करेंगे। लेकिन एक मोबाइल की वजह से और अपने दोस्त का जीवन बचाने की निस्वार्थ कोशिश में गाँव का यह चमकता चिराग हमेशा के लिए बुझ गया। इस घटना की खबर से बिनेका समेत पूरे तरहसी और नीलाम्बर पिताम्बरपुर क्षेत्र में गहरा शोक व्याप्त है।













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