मेदिनीनगर (पलामू): तरहसी प्रखंड मुख्यालय और आसपास के सरकारी परिसरों में बिजली कटौती को लेकर स्थानीय जनता का आक्रोश फूट पड़ा है। बिजली विभाग पर भेदभाव और ‘सौतेले व्यवहार’ का आरोप लगाते हुए क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों और सैकड़ों ग्रामीणों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। आक्रोशित लोगों का कहना है कि मुख्यालय क्षेत्र को अंधेरे में रखकर अन्य क्षेत्रों को प्राथमिकता देना पूरी तरह से नाजायज और जनविरोधी है।
मुख्यालय अंधेरे में, अन्य क्षेत्रों पर मेहरबानी: ग्रामीणों का आरोप
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, जिस फीडर से तरहसी प्रखंड मुख्यालय को बिजली दी जानी चाहिए, उस फीडर की बिजली को डायवर्ट कर परसाई और परसावां क्षेत्रों में आपूर्ति की जा रही है। ग्रामीणों ने इस व्यवस्था पर कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा:
”जब एक ही फीडर से पूरे प्रशासनिक और आवासीय परिसर की बिजली निर्भर है, तो प्रखंड मुख्यालय के साथ ऐसा सौतेला व्यवहार क्यों किया जा रहा है? मुख्यालय को तरसाकर दूसरी जगहों पर बिजली देना पूरी तरह से अनुचित है।”
अति-महत्वपूर्ण सरकारी संस्थान प्रभावित
प्रदर्शनकारियों ने ध्यानाकर्षण कराते हुए कहा कि इस मनमानी बिजली कटौती के कारण क्षेत्र की पूरी प्रशासनिक और स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई है। इस फीडर से जुड़े निम्नलिखित महत्वपूर्ण संस्थानों में कामकाज ठप होने की कगार पर है:
प्रखंड मुख्यालय कार्यालय एवं आवासीय परिसर: अधिकारियों और कर्मचारियों के रहने और काम करने में भारी परेशानी हो रही है।
थाना परिसर: सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन संचार व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
सरकारी अस्पताल: मरीजों के इलाज, फ्रिज में रखी दवाओं और आपातकालीन सेवाओं पर बुरा असर पड़ रहा है।
कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय: भीषण गर्मी में रहने वाली छात्राओं को पढ़ाई और रात गुजारने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
संपूर्ण तरहसी बाजार और आवासीय क्षेत्र: स्थानीय व्यवसाय और आम जनजीवन पूरी तरह पटरी से उतर गया है।
आंदोलन की चेतावनी, सैकड़ों लोग रहे उपस्थित
बिजली विभाग की इस लचर और भेदभावपूर्ण कार्यशैली के खिलाफ आयोजित बैठक में सैकड़ों की संख्या में स्थानीय लोग जुटे। इस कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे गोपाल प्रसाद, सुधीर यादव, उज्जवल पाण्डेय लड्डू रजक और मनीष पाठक ने संयुक्त रूप से कहा कि विभाग तुरंत अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करे।
नेताओं ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि तरहसी प्रखंड मुख्यालय के साथ बिजली आपूर्ति के मामले में किया जा रहा सौतेला व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि विभाग ने जल्द ही निर्बाध और न्यायसंगत बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की, तो स्थानीय जनता सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी बिजली विभाग के आला अधिकारियों की होगी।













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