नई दिल्ली : भारत निर्वाचन आयोग ने आज देश के पांच महत्वपूर्ण राज्यों—पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुदुचेरी—में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए तारीखों की घोषणा कर दी है। मुख्य चुनाव आयुक्त ने विज्ञान भवन में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान विस्तृत चुनावी कार्यक्रम जारी किया।
प्रमुख चुनावी कार्यक्रम और चरण
चुनाव आयोग के अनुसार, इन पांच राज्यों में मतदान की प्रक्रिया अलग-अलग चरणों में संपन्न होगी:
- पश्चिम बंगाल: सुरक्षा और संवेदनशीलता को देखते हुए यहाँ मतदान सबसे अधिक चरणों में संपन्न होगा।
- असम: राज्य की भौगोलिक स्थिति और सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर यहाँ मतदान तीन चरणों में होगा।
- दक्षिण भारत (केरल, तमिलनाडु, पुदुचेरी): इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में मतदान एक ही चरण में संपन्न कराने का निर्णय लिया गया है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
मुख्य चुनाव आयुक्त ने स्पष्ट किया कि सभी चुनावी राज्यों में निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय सुरक्षा बलों की भारी तैनाती की जाएगी। विशेष रूप से पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था पर कड़ी नजर रखी जाएगी। चुनाव आयोग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी प्रकार की हिंसा या चुनावी गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
डिजिटल निगरानी और सुविधाएँ
इस बार के चुनावों में तकनीक का व्यापक उपयोग किया जा रहा है:
- सी-विजिल (cVIGIL) ऐप: चुनावी आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायत नागरिक सीधे इस ऐप के माध्यम से कर सकेंगे।
- बुजुर्गों के लिए सुविधा: 80 वर्ष से अधिक आयु के मतदाताओं और दिव्यांगों के लिए ‘पोस्टल बैलेट’ (डाक मतपत्र) का विकल्प उपलब्ध रहेगा।
- कोविड प्रोटोकॉल: हालांकि महामारी का प्रभाव कम हुआ है, फिर भी मतदान केंद्रों पर सैनिटाइजर, थर्मल स्कैनिंग और सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन अनिवार्य होगा।
राजनीतिक सरगर्मियां तेज
तारीखों के ऐलान के साथ ही इन राज्यों में आदर्श चुनाव आचार संहिता (Model Code of Conduct) तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। दिल्ली से लेकर कोलकाता और गुवाहाटी तक राजनीतिक दलों ने अपनी रणनीतियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। जहाँ एक ओर सत्ताधारी दल अपनी उपलब्धियों के दम पर वापसी की उम्मीद कर रहे हैं, वहीं विपक्ष परिवर्तन के नारे के साथ मैदान में उतरने को तैयार है।

















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