राँची / गिरिडीह : झारखंड के राजनीतिक गलियारे से एक अत्यंत दुखद खबर सामने आई है। राज्य सरकार में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू का रविवार, 6 सितंबर 2026 की सुबह गिरिडीह के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वे लगभग 56 वर्ष के थे। गिरिडीह से दो बार विधायक चुनकर विधानसभा पहुँचे सुदिव्य कुमार सोनू के असामयिक निधन से पूरे राज्य में शोक की लहर दौड़ गई है।
अचानक बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में तोड़ा दम
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 5 सितंबर की देर रात सुदिव्य कुमार सोनू की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। परिजनों और समर्थकों द्वारा उन्हें तत्काल गिरिडीह स्थित मर्सी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों की टीम ने उन्हें बचाने का भरसक प्रयास किया। हालाँकि, रविवार सुबह इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम साँस ली। चिकित्सकों के अनुसार, प्रारंभिक तौर पर मौत का कारण कार्डियक अरेस्ट या भीषण हार्ट अटैक माना जा रहा है।
पद पर रहते झारखंड के तीन शिक्षा मंत्रियों का निधन
झारखंड के राजनीतिक इतिहास में यह बेहद दुखद और दुर्योगपूर्ण संयोग बनकर उभरा है कि राज्य में शिक्षा विभाग का प्रभार संभाल रहे तीन मंत्रियों का पद पर रहते हुए देहांत हो चुका है:
जगरनाथ महतो: तत्कालीन स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता कार्य मंत्री जगरनाथ महतो का अप्रैल 2023 में चेन्नई के एक अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हुआ था।
रामदास सोरेन: अगस्त 2025 में मंत्री रामदास सोरेन का दिल्ली में इलाज के दौरान निधन हो गया था। वे अपने आवास के बाथरूम में गिर जाने के कारण गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
सुदिव्य कुमार सोनू: उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री रहते हुए 6 सितंबर 2026 को कार्डियक अरेस्ट के कारण इनका निधन हुआ।
कार्यकाल में चर्चा में रहे जेपीएससी और जेएसएससी विवाद
सुदिव्य कुमार सोनू का मंत्री पद का कार्यकाल परीक्षाओं के संचालन और छात्र आंदोलनों को लेकर काफी हलचल भरा रहा। 11वीं से 13वीं जेपीएससी (JPSC) परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और त्रुटियों का मामला राज्य भर में सुर्खियों में रहा, जिसकी जाँच वर्तमान में राज्य अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) कर रही है।
हाल ही में जेपीएससी की पूर्व सदस्य डॉ. अनिमा हांसदा के बयानों को लेकर भी विवाद गरमाया था, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि मेन्स परीक्षा परिणामों में कथित गड़बड़ियों के कारण उन्होंने परिणाम पत्रों पर हस्ताक्षर नहीं किए थे और इस संबंध में उच्च शिक्षा मंत्री को अवगत कराया था। दूसरी ओर, सीआईडी द्वारा गिरफ्तार आरोपी अभय तिवारी द्वारा इंटरव्यू के अंकों में फेरबदल और पैसों के लेन-देन से जुड़े गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जो फिलहाल अदालत और सीआईडी की जाँच के अधीन हैं।
निधन और विवादों के बीच कोई संबंध नहीं
सार्वजनिक रिकॉर्ड्स और जाँच एजेंसियों के अनुसार, 11वीं-13वीं जेपीएससी मामले में सुदिव्य कुमार सोनू पर कोई भी कानूनी आरोप साबित या स्थापित नहीं हुआ था। प्रशासनिक और विधिक दृष्टिकोण से मंत्री को दी गई किसी जानकारी या चल रही जाँच प्रक्रियाओं का उनके निधन से कोई सीधा संबंध सामने नहीं आया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनकी मृत्यु को परीक्षा विवादों से जोड़ना विशुद्ध रूप से एक अटकलबाजी है।
सुदिव्य कुमार सोनू के निधन पर राज्य के वरिष्ठ नेताओं, मंत्रियों और विभिन्न सामाजिक-राजनीतिक संगठनों ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे झारखंड की राजनीति और शिक्षा क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति बताया है।













Leave a Reply