नीलांबर-पीतांबरपुर (पलामू): प्रखंड क्षेत्र के झारहा गांव में अंचलाधिकारी जागो महतो और प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी नारायण महतो की संयुक्त टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर गरीबों के बीच बांटे जाने वाले अंत्योदय योजना का 14 बोरा सरकारी चावल जब्त किया है। प्रशासन की इस अचानक हुई कार्रवाई से खाद्यान्न की कालाबाजारी करने वाले माफियाओं के बीच हड़कंप मच गया है।
किराए के मकान और दुकान से बरामदगी
टीम ने झारहा निवासी अजीजुल मियां के घर पर छापेमारी कर 9 बोरा तथा सोनू किराना दुकान से 5 बोरा अंत्योदय का चावल बरामद किया। मौके से सरकारी चावल की री-पैकिंग में इस्तेमाल होने वाले दर्जनों खाली बोरे और बड़ी मात्रा में रैपर भी जब्त किए गए हैं। अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दुकान और मकान के उस हिस्से को सील कर दिया है, जिसे अवैध गोदाम के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था।
अजमल अंसारी पर कालाबाजारी का आरोप
मकान मालिक अजीजुल मियां ने पूछताछ में खुलासा किया कि रामसागर निवासी अजमल अंसारी पिछले तीन-चार वर्षों से यह कमरा किराए पर लेकर अनाज के अवैध भंडारण और बिक्री का धंधा चला रहा था। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, छापेमारी से ठीक पहले अजमल एक टेम्पो में सरकारी चावल लादकर फरार हुआ था। वहीं, सोनू किराना दुकान के संचालक ने बताया कि बरामद चावल की बोरी अजमल ही वहां रखकर भागा था।
प्रशासन सख्त, प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश
इस पूरे घटनाक्रम पर सीओ जागो महतो ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा, “गरीबों के हक के खाद्यान्न की कालाबाजारी एक गंभीर व घोर अपराध है। इसमें शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।” सीओ ने एमओ नारायण महतो को इस मामले में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराने का कड़ा निर्देश दिया है। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि पूरे रैकेट का पर्दाफाश करने के लिए मामले की गहन जांच की जाएगी।
इस कार्रवाई के बाद से क्षेत्र में यह चर्चा तेज हो गई है कि आखिर गरीबों को मुफ्त में मिलने वाले इस सरकारी राशन की कालाबाजारी का मुख्य सरगना कौन है और इस खेल में किन-किन रसूखदारों का संरक्षण मिला हुआ है।













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