हजारीबाग: जिला पुलिस ने क्षेत्र में चोरी और अन्य आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने वाले एक शातिर अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए इसके कई सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की इस कार्रवाई से आपराधिक गिरोहों के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। गहन जांच में सामने आया है कि इस गिरोह के खिलाफ विभिन्न पुलिस स्टेशनों में पहले से ही 63 मामले दर्ज हैं। वहीं, पुलिस पूछताछ और प्राथमिक जांच के आधार पर गिरोह की 100 से अधिक आपराधिक वारदातों में सीधी संलिप्तता की पुष्टि हुई है।
अवैध सामान और फर्जी नंबर प्लेट बरामद
पुलिस ने गिरफ्तार किए गए आरोपियों के पास से बड़े पैमाने पर चोरी का माल और अपराध में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद किए हैं। बरामद सामानों में:
- सोना: 27 ग्राम आभूषण
- वाहन: चोरी की 4 मोटरसाइकिलें
- उपकरण: 6 फर्जी नंबर प्लेट्स और 6 की-पैड मोबाइल फोन
- मादक पदार्थ: नशीले पदार्थ की 23 पुड़ियां
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, फर्जी नंबर प्लेटों का इस्तेमाल चोरी की मोटरसाइकिलों की पहचान छिपाने और वारदात के बाद आसानी से फरार होने के लिए किया जाता था। बरामद सामग्री के आधार पर पुलिस गिरोह द्वारा पूर्व में अंजाम दी गई अन्य घटनाओं की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।
बिहार से लेकर झारखंड तक फैला था नेटवर्क
पुलिस की तफ्तीश में गिरोह के एक बड़े और सुसंगठित अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा हुआ है। इस गिरोह के तार पड़ोसी राज्य बिहार के कटिहार से लेकर झारखंड के हजारीबाग, चतरा, गिरिडीह, रामगढ़ और प्रांतीय राजधानी रांची तक फैले हुए हैं। यह गिरोह विभिन्न जिलों में रेकी कर चोरी और अन्य आपराधिक घटनाओं को अंजाम देता था।
अन्य सदस्यों की तलाश में छापेमारी जारी
मामले की जानकारी देते हुए पुलिस प्रशासन ने बताया कि गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है, ताकि पूर्व में हुई अन्य अनसुलझी वारदातों का सत्यापन किया जा सके और चोरी गया अन्य सामान भी बरामद किया जा सके। पुलिस को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इस गिरोह से जुड़े कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं।













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