Advertisement

पीएम से जवाब देने को कहेगा विपक्ष!

केंद्र सरकार और भाजपा के संसदीय प्रबंधकों का दावा है कि मानसून सत्र का पहला हफ्ता जान बूझकर छोड़ दिया गया। पहले के सत्रों में भी ऐसा हो चुका है कि विवाद के मुद्दे पर सरकार पहले हफ्ते में विपक्ष को प्रदर्शन करने देती है। यह पिछले कई सत्र में हो चुका है कि पहले हफ्ते में कामकाज नहीं होता है। लेकिन क्या सरकार दूसरे हफ्ते में कामकाज करा लेने के भरोसे में है? ध्यान रहे इस बार मानसून सत्र सिर्फ तीन हफ्ते का है और स्वतंत्रता दिवस से पहले ही समाप्त हो रहा है। इसलिए अगले दो हफ्ते बहुत अहम हैं। संसद में विपक्ष के जो तेवर दिख रहा था उससे साफ हो गया था कि लग रहा है कि सरकार कामकाज भले करा ले, विधेयक पेश कर ले और पास भी करा ले लेकिन विपक्ष चर्चा के लिए तैयार नहीं होगा। विपक्षी पार्टियां इस बात पर अड़ी थीं कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हो और उसके बाद ही चर्चा हो। दूसरी ओर सरकार की तैयारी है कि पेपर लीक पर संशोधन कानून ले आए और उस पर चर्चा के लिए विपक्ष को मजबूर करे। अगर विपक्ष तैयार नहीं हो तो सरकार उसे गैरजिम्मेदार और छात्र विरोधी ठहराने का अभियान चलाएगी।

अब धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हो गया है। सो, अब संसद में पेपर लीक पर चर्चा होगी और साथ ही पेपर लीक के खिलाफ जो कानून आना है उस पर भी चर्चा होगी। गौरतलब है कि विपक्ष को चर्चा में शामिल कराने के लिए सरकार ने बुधवार को ही कह दिया कि विपक्ष तय करे कि वह कब और कितनी देर की चर्चा चाहता है। हालांकि यह काम विपक्ष का नहीं होता है। इसका फैसला स्पीकर को करना होता है। कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में स्पीकर पक्ष और विपक्ष दोनों से बात करके वार्ता का समय तय कर सकते हैं। इस बीच सरकार धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद की स्थिति पर गंभीरता से चर्चा कर रही है। इसके बाद क्या विपक्ष दूसरे मुद्दे उठाएगा और क्या संसद में प्रधानमंत्री से जवाब देने की मांग करेगा या उनसे माफी मांगने को कहेगा? इसका अंदाजा लगाया जा रहा है। ध्यान रहे विपक्ष ने कहना शुरू कर दिया है कि प्रधानमंत्री को माफी मांगनी चाहिए। यह बात कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से लिखे गए पत्र में भी शामिल है।

संसद का पहला हफ्ता समाप्त होने से पहले बिहार के एक विपक्षी सांसद, जो नीट पेपर लीक मामले में विपक्ष की ओर से बहुत सक्रिय हैं उन्होंने अनौपचारिक बातचीत में एक ऐसी बात कही, जिससे विपक्ष की रणनीति का आभास होता है। उनसे पूछा गया कि अगर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दे देंगे तो फिर संसद में चर्चा का जवाब कौन देगा? क्या नए शिक्षा मंत्री के जवाब से विपक्ष संतुष्ट होगा? इस पर उनका जवाब था कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद पेपर लीक और परीक्षा की व्यवस्था पर चर्चा होगी और उसका जवाब प्रधानमंत्री को देना होगा। यानी विपक्ष नए शिक्षा मंत्री से जवाब नहीं मानेगा। प्रधान के इस्तीफे के बाद, क्या सरकार इसके लिए तैयार होगी कि पेपर लीक पर चर्चा का जवाब प्रधानमंत्री दें? विपक्ष की ओर से सामूहिक उत्तरदायित्व के सिद्धांत का हवाला दिया जा रहा है और कहा जा रहा है कि प्रधानमंत्री को जवाब देना चाहिए। सो, विपक्ष की योजना पेपर लीक पर प्रधानमंत्री से जवाब मांगने और जंतर मंतर पर हुई पुलिस कार्रवाई के लिए प्रधानमंत्री से माफी मंगवाने की है।

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Copyright 2026. All right reserved. Loktantra TV News Website Design by E- MEDIA Web & App - 7999906109
error: Content is protected !!