कोलकाता : पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए आज लोकतंत्र के सबसे बड़े उत्सव का शंखनाद हो गया है। पहले चरण के तहत राज्य के 16 जिलों की 152 सीटों पर सुबह 7 बजे से मतदान जारी है। इस चरण में उत्तर बंगाल के गढ़ से लेकर दक्षिण बंगाल के मैदानों तक, सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) और मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच सीधा और कड़ा मुकाबला देखा जा रहा है।
मतदान का गणित और सुरक्षा के कड़े पहरे
निर्वाचन आयोग के अनुसार, पहले चरण में 3.60 करोड़ से अधिक मतदाता कुल 1,478 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे। निष्पक्ष और हिंसा मुक्त चुनाव सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं:
लगभग 2,400 से अधिक केंद्रीय सुरक्षा बलों की कंपनियां तैनात की गई हैं। एवं सभी मतदान केंद्रों पर 100% वेबकास्टिंग के जरिए निगरानी रखी जा रही है। मुर्शिदाबाद और पूर्व मेदिनीपुर जैसे जिलों में भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात हैं ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
मुख्य मुकाबले और हॉट सीटें
इस चरण में कई हाई-प्रोफाइल उम्मीदवारों की प्रतिष्ठा दांव पर है। नंदीग्राम के नायक और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी और टीएमसी के कई कद्दावर मंत्रियों के क्षेत्रों में आज वोटिंग हो रही है। उत्तर बंगाल में जहां भाजपा अपना ‘किला’ बचाने की कोशिश में है, वहीं टीएमसी अपनी कल्याणकारी योजनाओं (जैसे लक्ष्मी भंडार) के दम पर सत्ता विरोधी लहर को मात देने की कोशिश कर रही है।
नेताओं की अपील
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया के माध्यम से बंगाल के लोगों, विशेषकर युवाओं और महिलाओं से रिकॉर्ड संख्या में मतदान करने की अपील की है। वहीं, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने लोगों से “लोकतंत्र की रक्षा” के लिए वोट करने का आह्वान किया है।
मतदान का रुझान (सुबह 9 बजे तक)
शुरुआती रुझानों के अनुसार, कई बूथों पर सुबह से ही लंबी कतारें देखी जा रही हैं। पहले दो घंटों में राज्य में लगभग 18.8% मतदान दर्ज किया गया है। ग्रामीण इलाकों में शहरी क्षेत्रों की तुलना में अधिक उत्साह देखने को मिल रहा है।
बंगाल में इस बार चुनाव मुख्य रूप से दो चरणों में सिमटा है। आज 152 सीटों पर मतदान के बाद, शेष 142 सीटों के लिए 29 अप्रैल को दूसरे चरण में वोट डाले जाएंगे। पूरे राज्य की किस्मत का फैसला 4 मई को नतीजों के साथ होगा।

















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