नौडीहा बाजार के हुडराही टोला में चार पहिया वाहन व एंबुलेंस का पहुंचना नामुमकिन, बीमारों व गर्भवती महिलाओं को खाट पर ले जाने की मजबूरी
अरुण कुमार //
नौडीहा बाजार (पलामू) प्रखंड क्षेत्र के हुडराही टोला में आवागमन की गंभीर समस्या ग्रामीणों के लिए बड़ी मुसीबत बन गई है। करीब 150 अनुसूचित जाति परिवारों की आबादी वाले इस टोले के ग्रामीण आज भी बुनियादी सड़क सुविधा से वंचित हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि वर्षों पुराने पारंपरिक आवागमन के रास्ते पर कथित तौर पर दबंगई से कब्जा कर लिया गया है, जिसके कारण रास्ते को बंद कर दिया गया है। सड़क के अभाव में अब मासूम स्कूली बच्चों को खेत की मेड़ों से होकर विद्यालय जाने को विवश होना पड़ रहा है।
खाट बनी ‘एंबुलेंस’, आपात स्थिति में गंभीर खतरा
न्यू प्राथमिक विद्यालय खरडीहा टोला में पढ़ने वाले बच्चों के लिए खासकर बरसात के दिनों में खेतों में पानी और कीचड़ भरा होने के कारण विद्यालय पहुंचना बेहद जोखिम भरा हो जाता है।
ग्रामीण अरविंद राम, हरेंद्र राम, नीतीश कुमार और पर्वतीय देवी ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि गांव तक चार पहिया वाहन या एंबुलेंस पहुंचने का कोई मार्ग नहीं है। आपात स्थिति में किसी के बीमार पड़ने या गर्भवती महिला को अस्पताल ले जाने के लिए टोले के लोग मरीज को खाट (चारपाई) पर टांगकर लगभग आधा किलोमीटर दूर मुख्य सड़क शिवपुर तक पैदल ले जाते हैं। इसके बाद ही किसी वाहन का सहारा मिल पाता है।
गैरमजरूआ जमीन पर कब्जे का आरोप
ग्रामीण नीतीश कुमार और अरविंद कुमार के अनुसार, जिस रास्ते से ग्रामीण वर्षों से आवागमन करते आ रहे थे, उस पर टोले के ही परशुराम राम और भोला राम द्वारा कथित रूप से कब्जा कर उसे अवरुद्ध कर दिया गया है।
विवाद खाता संख्या 190, प्लॉट संख्या 1200 की लगभग 300 फीट जमीन को लेकर है। ग्रामीणों का दावा है कि यह जमीन गैरमजरूआ (सरकारी) है। हालांकि, जमीन की वास्तविक प्रकृति और स्वामित्व की स्थिति प्रशासनिक जांच और भू-अभिलेखों के सत्यापन के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
अंचल कार्यालय के चक्कर काटने को मजबूर ग्रामीण
ग्रामीणों ने बताया कि करीब दो माह पूर्व रास्ते को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए नौडीहा अंचल कार्यालय में लिखित आवेदन दिया गया था। इसके बाद अंचल अमीन सौरभ कुमार ने स्थल निरीक्षण और जांच भी की थी। लेकिन जांच के महीनों बाद भी प्रशासनिक स्तर पर अतिक्रमण हटाने की कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने प्रशासन से जमीन की पुनः मापी और सीमांकन कराकर सरकारी जमीन को कब्जा मुक्त कराने की मांग की है।
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“हुडराही टोला के ग्रामीणों को रास्ता दिलाने के लिए पंचायत स्तर पर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इस संबंध में पंचायत की बैठक भी बुलाई गई थी, लेकिन संबंधित जमीन पर सहमति न बन पाने के कारण पेंच अटका हुआ है।” — धनंजय प्रसाद (मुखिया प्रतिनिधि)
- “मामला संज्ञान में है। प्रकरण के सभी बिंदुओं की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।” — संजय कुमार सिंह (अंचल अधिकारी, नौडीहा बाजार)













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