मेदिनीनगर : पलामू जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त समीरा एस ने शुक्रवार को जिला समाज कल्याण कार्यालय के तहत संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की गहन समीक्षा की। समाहरणालय में आयोजित इस उच्चस्तरीय बैठक में उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने जिले के सभी 2629 आंगनबाड़ी केंद्रों में सेविका-सहायिका के रिक्त पदों को इसी माह के अंत तक भरने और बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करने का कड़ा निर्देश दिया।
भवनों की समस्या: 119 केंद्र स्कूलों में होंगे शिफ्ट
समीक्षा के दौरान यह तथ्य सामने आया कि जिले में संचालित कुल 2629 आंगनबाड़ी केंद्रों में से 947 केंद्र वर्तमान में किराए के भवनों में चल रहे हैं। उपायुक्त ने इस पर गंभीरता दिखाते हुए निर्देश दिया कि ‘कोलोकेशन’ नीति के तहत शेष 119 केंद्रों को तत्काल नजदीकी सरकारी स्कूल भवनों में 100% शिफ्ट कराया जाए। साथ ही, निर्माणाधीन 184 नए आंगनबाड़ी भवनों की परियोजना-वार प्रगति की भी समीक्षा की गई और उन्हें समय सीमा के भीतर पूर्ण करने को कहा गया।
सावित्रीबाई फुले योजना: 20 मार्च तक भुगतान का लक्ष्य
महिला सशक्तीकरण और शिक्षा को बढ़ावा देने वाली सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने अधिकारियों को डेडलाइन दी। उन्होंने निर्देश दिया कि 20 मार्च तक सभी लंबित आवेदनों का निष्पादन कर लाभुकों के बैंक खातों में राशि का भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
पेयजल और स्वच्छता: खराब चापाकल की 24 घंटे में मांगी सूची
आगामी भीषण गर्मी को देखते हुए बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशीलता बरतते हुए उपायुक्त ने पेयजल एवं स्वच्छता विभाग को विशेष निर्देश दिए।
- मरम्मत कार्य: जिन केंद्रों पर चापाकल खराब हैं, उनकी सूची 24 घंटे के भीतर उपलब्ध कराने का निर्देश महिला पर्यवेक्षकों (LS) को दिया गया।
- शौचालय व विद्युतीकरण: माह के अंत तक सभी लंबित शौचालय निर्माण, वर्षा जल संचयन और बिजली कनेक्शन के कार्यों को पूर्ण करने की जिम्मेदारी कार्यपालक अभियंता को सौंपी गई।
रिक्त पदों पर बहाली और पोषण ट्रैकर
उपायुक्त ने जिला समाज कल्याण पदाधिकारी नीता चौहान को निर्देशित किया कि जिले के सभी केंद्रों में सेविका और सहायिका की उपलब्धता का समेकित प्रतिवेदन पेश करें। जिन केंद्रों में पद रिक्त हैं, वहां चयन प्रक्रिया को इसी मार्च महीने में हर हाल में पूरा कर लिया जाए। बैठक में ‘पोषण ट्रैकर’, ‘प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना’ और ‘समर (SAAMAR)’ कार्यक्रम के संकेतकों पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
“आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों के पोषण और प्रारंभिक शिक्षा की धुरी हैं। यहां पेयजल, बिजली और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं में कोई समझौता नहीं किया जाएगा। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई तय है।” — समीरा एस, उपायुक्त, पलामू
बैठक में विभिन्न बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (CDPO) और संबंधित विभागों के अन्य अधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।













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