मेदिनीनगर : लेस्लीगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत एकता जंगल से बीते दिनों बरामद पंकज उरांव के शव के अंधे कत्ल का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा कर दिया है। पुलिस तफ्तीश में जो सच सामने आया, उसने सभी को हैरान कर दिया। जिस पति की लंबी उम्र की दुआ पत्नी से की जाती है, उसी पत्नी ने अपने पिता के साथ मिलकर पति की हत्या की खतरनाक पटकथा रची थी। पति को रास्ते से हटाने के लिए बाकायदा 10 लाख रुपये की सुपारी दी गई थी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मृतक की पत्नी समेत कुल सात आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
19 सितंबर से लापता था पंकज, जंगल में मिला था शव
मामले की जानकारी देते हुए पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गत 23 सितंबर की सुबह लेस्लीगंज थाना क्षेत्र के एकता जंगल में स्थानीय लोगों द्वारा एक अज्ञात व्यक्ति का शव देखे जाने की सूचना पुलिस को मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पहचान के लिए जिले के सभी थानों को सूचित किया।
सघन जांच के क्रम में पता चला कि पाटन थाना क्षेत्र के बंजारी गांव का रहने वाला पंकज उरांव 19 सितंबर से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता था। इसके बाद परिजनों को बुलाकर शव की पहचान कराई गई, जिसमें मृतक की शिनाख्त पंकज उरांव के रूप में हुई।
पिता के आरोप पर दर्ज हुई प्राथमिकी, खुला साजिश का राज
घटना के बाद मृतक के पिता ने पंकज की पत्नी अनिमा कुमारी और उसके मायके वालों पर हत्या की आशंका जताते हुए गंभीर आरोप लगाए। पिता के बयान के आधार पर लेस्लीगंज थाने में कांड दर्ज कर पुलिस ने तकनीकी शाखा की मदद से अनुसंधान शुरू किया।
अनुसंधान के दौरान पुलिस के हाथ कई अहम सुराग लगे। कड़ाई से की गई पूछताछ में पता चला कि पत्नी अनिमा कुमारी ने अपने पिता के साथ मिलकर पंकज को रास्ते से हटाने की साजिश रची थी। इसके लिए उन्होंने तेतरी देवी और पिंटू कुमार नामक व्यक्तियों से संपर्क कर 10 लाख रुपये की सुपारी तय की। पुलिस जांच में तेतरी देवी के बैंक खाते में करीब 8 लाख रुपये के लेनदेन की पुष्टि भी हुई है।
हनीट्रैप और धोखे से बुलाया गया सतबरवा
साजिश को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। पुलिस के अनुसार, रिंकी देवी नाम की महिला के जरिए पंकज को फोन करवाकर सतबरवा बुलाया गया। पंकज जैसे ही वहां पहुंचा, आरोपियों ने उसे अपने चंगुल में ले लिया और सुनसान जगह ले जाकर उसकी निर्मम हत्या कर दी। इसके बाद साक्ष्य छिपाने की नियत से शव को एकता जंगल में फेंक कर फरार हो गए।
सुजुकी XL6 कार, नकदी और बैंक पासबुक बरामद
मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने घटना में शामिल सभी 7 मुख्य अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान निम्नलिखित रूप में हुई है:
- अनिमा कुमारी (मृतक की पत्नी), 2. पिंटू कुमार, 3. तेतरी देवी, 4. जितेंद्र उरांव, 5. रिंकी देवी, 6.रामजनम उरांव, 7. दिलेश्वर सिंह
पुलिस ने आरोपियों के पास से घटना में प्रयुक्त एक सुजुकी XL6 कार, कई मोबाइल फोन, नकद राशि, बैंक पासबुक और चेकबुक जब्त की है।
छापामारी दल में शामिल अधिकारी
इस अंधी हत्या की गुत्थी सुलझाने और आरोपियों को दबोचने में लेस्लीगंज पुलिस और तकनीकी टीम की मुख्य भूमिका रही। छापामारी टीम में एसडीपीओ प्रशांत कुमार, थाना प्रभारी उत्तम कुमार राय, सहायक उप-निरीक्षक (सअनि) बाबूलाल यादव, रिजर्व गार्ड और तकनीकी शाखा के जवान शामिल थे। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की क्षेत्र में सराहना हो रही है।













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