मेदिनीनगर : पलामू प्रमंडलीय आयुक्त कुमुद सहाय ने शुक्रवार को चैनपुर स्थित राजकीय बुनियादी विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान विद्यालय की बदहाल शैक्षणिक व्यवस्था और अभिलेखों में बड़े पैमाने पर हेराफेरी देख आयुक्त का पारा चढ़ गया। निरीक्षण में न केवल शिक्षक गायब मिले, बल्कि छात्राओं की उपस्थिति पंजी में भी भविष्य की तारीखों पर पहले ही ‘क्रॉस’ (अनुपस्थिति) लगा पाया गया। आयुक्त ने प्राचार्य और शिक्षकों को कड़ी फटकार लगाते हुए स्पष्ट कहा कि विद्यार्थियों की पढ़ाई शिक्षकों की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए, इसमें किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
भविष्य की तारीख पर पहले ही लग गई अनुपस्थिति
निरीक्षण के दौरान सबसे चौंकाने वाला मामला उपस्थिति पंजी की जांच में सामने आया। आयुक्त ने पाया कि 14 मार्च की तिथि के कॉलम में कई छात्राओं के नाम के आगे पहले से ही अनुपस्थिति दर्ज करते हुए ‘क्रॉस’ लगा दिया गया था, जबकि निरीक्षण शुक्रवार, 13 मार्च को ही चल रहा था। इस गंभीर लापरवाही और अनुशासनहीनता पर आयुक्त ने प्राचार्य को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि पंजी को मनमाने ढंग से भरना न केवल अनियमितता है, बल्कि यह व्यवस्था के प्रति शिक्षकों की घोर लापरवाही को दर्शाता है।
कक्षा से गायब थे शिक्षक, सामान्य सवालों का जवाब नहीं दे पाईं छात्राएं
आयुक्त जब विभिन्न कक्षाओं के अवलोकन के लिए निकलीं, तो पाया कि कई शिक्षक अपनी ड्यूटी से नदारद थे और छात्राएं बाहर शोर मचा रही थीं। आयुक्त ने खुद छात्राओं से संवाद किया और कुछ सामान्य ज्ञान के प्रश्न पूछे, लेकिन पठन-पाठन का स्तर इतना गिर चुका था कि छात्राएं सरल प्रश्नों का भी संतोषजनक उत्तर नहीं दे सकीं। इस पर नाराजगी जताते हुए आयुक्त ने निर्देश दिया कि शिक्षकों को अपनी भूमिका समझनी होगी और शैक्षणिक गुणवत्ता सुनिश्चित करनी होगी।
MDM: चूहों के हवाले मिला चावल, अभिलेखों में मिली गड़बड़ी
मध्याह्न भोजन (MDM) योजना की जांच के दौरान भी स्थिति संतोषजनक नहीं पाई गई। रसोईघर में रखा गया चावल चूहों द्वारा कुतरा हुआ मिला, जिस पर आयुक्त ने स्वच्छता और सुरक्षित भंडारण को लेकर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भोजन की गुणवत्ता के कारण किसी बच्चे के स्वास्थ्य पर आंच आई, तो इसकी सीधी जिम्मेदारी विद्यालय के प्राचार्य की होगी। इसके अलावा, मार्च माह के कई अभिलेख और स्टॉक रजिस्टर अधूरे पाए गए, जिन्हें देखकर प्रतीत हो रहा था कि उन्हें मनगढ़ंत तरीके से बाद में भरने की तैयारी थी।
प्राचार्य को सख्त निर्देश: अनुशासन में लाएं सुधार
विद्यालय परिसर में प्राचार्य कक्ष के सामने बेतरतीब ढंग से खड़े वाहनों को देखकर भी आयुक्त ने आपत्ति जताई। उन्होंने विद्यालय के आंतरिक अनुशासन पर सवाल उठाते हुए प्राचार्य को निर्देश दिया कि:
- सभी पंजियों को प्रतिदिन अद्यतन (Update) किया जाए।
- शिक्षकों की उपस्थिति और उनकी कक्षाओं का नियमित पर्यवेक्षण हो।
- परिसर में वाहनों की पार्किंग को व्यवस्थित किया जाए।
इस औचक निरीक्षण के दौरान आयुक्त के सचिव बिजय वर्मा भी उपस्थित थे। आयुक्त की इस कार्रवाई से जिले के अन्य शिक्षण संस्थानों में भी खलबली मची हुई है।













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