रांची: रांची रेलवे स्टेशन परिसर के बाहर से 24 सितंबर को संदिग्ध परिस्थितियों में अगवा किए गए चार वर्षीय बालक विवान कुमार को रांची पुलिस ने सकुशल बरामद कर लिया है। पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) ने कार्रवाई करते हुए इस अपहरण कांड में शामिल पांच मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक विधि-विरुद्ध किशोर को निरुद्ध किया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना के संबंध में पीड़ित परिजनों की शिकायत पर राजधानी के चुटिया थाना में मामला दर्ज कराया गया था। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) के निर्देश पर बच्चे की त्वरित बरामदगी के लिए एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया था।
सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी सर्विलांस से मिला सुराग
अनुसंधान के दौरान एसआईटी ने रेलवे स्टेशन और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगाला तथा तकनीकी सेल की मदद से जांच आगे बढ़ाई। इस दौरान पुलिस को धनबाद में संदिग्धों की मौजूदगी की सटीक सूचना मिली। जिसके आधार पर कार्रवाई करते हुए 27 सितंबर को धनबाद पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के संयुक्त सहयोग से धनबाद रेलवे स्टेशन से मुख्य आरोपी रोहित मुखर्जी उर्फ डॉन को हिरासत में लिया गया।
साहिबगंज के तीनपहाड़ में छापेमारी, नानी के घर से मिला मासूम
कड़ाई से की गई पूछताछ के दौरान रोहित मुखर्जी ने अपहरण की बात स्वीकार की और गिरोह के अन्य सदस्यों के नामों का खुलासा किया। उसकी निशानदेही पर एसआईटी ने साहिबगंज जिले के तीनपहाड़ थाना क्षेत्र में ताबड़तोड़ छापेमारी की। पुलिस टीम ने आरोपी बिट्टू कुमार सिंह की नानी के घर पर दबिश देकर अगवा मासूम विवान कुमार को पूरी तरह सुरक्षित अवस्था में बरामद कर लिया।
गिरफ्तार आरोपी और बरामदगी
मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है:
- रोहित मुखर्जी उर्फ डॉन
- बिट्टू कुमार सिंह
- छोटू कुमार
- तसबोर शेख
- जमादार शेख
गिरफ्तार आरोपियों के पास से पुलिस ने विभिन्न कंपनियों के 5 मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं।
बाल अपराध और चोरी कराने वाले गिरोह से जुड़े हैं तार
पुलिस की शुरुआती जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। आरोपियों के तार ऐसे गिरोह से जुड़े पाए गए हैं, जो बच्चों से मोबाइल चोरी और अन्य गैर-कानूनी गतिविधियां करवाने का काम करता है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी बच्चे का अपहरण किस मुख्य उद्देश्य या रंजिश से किए थे और इस नेटवर्क का फैलाव कहां-कहां तक है, इसकी गहन जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद गिरोह के अन्य सदस्यों पर भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
















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