मेदिनीनगर (पलामू): पलामू जिले के तरहसी थाना क्षेत्र से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ ग्राम परसावां के निवासी और पेशे से बिजली मिस्त्री सत्येंद्र मेहता की बिजली का काम करने के दौरान करंट लगने से मौके पर ही मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे के बाद से पूरे इलाके और मृतक के गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।
कैसे हुआ हादसा?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सत्येंद्र मेहता परसाई गिरिड के अंतर्गत आने वाले ग्राम सुखरो (सेलारी) में बिजली के एक खराब ट्रांसफार्मर की मरम्मत करने के लिए गए हुए थे। वे खंभे (पोल) पर चढ़कर ट्रांसफार्मर को ठीक कर रहे थे, तभी कार्य के दौरान अचानक बिजली की सप्लाई चालू हो गई। बिजली चालू होते ही सत्येंद्र बेहद तेज करंट की चपेट में आ गए और बिजली के खंभे पर ही उनकी तड़पकर मौत हो गई।
बिजली विभाग की गंभीर लापरवाही उजागर
इस भीषण हादसे के बाद संबंधित बिजली विभाग की एक बहुत बड़ी और गंभीर लापरवाही खुलकर सामने आ रही है। नियमानुसार जब भी कोई मिस्त्री लाइन पर काम करता है, तो बिजली सप्लाई को पूरी तरह से बंद (शटडाउन) रखा जाना अनिवार्य होता है। लेकिन इस मामले में काम के दौरान बिजली लाइन को पूरी तरह बंद नहीं किया गया, जिसके कारण अचानक करंट आ गया और एक मासूम की जान चली गई।
परिवार में पसरा मातम
मृतक सत्येंद्र मेहता अपने पीछे तीन छोटे बच्चों सहित पूरे भरे-पूरे परिवार को बेसहारा छोड़ गए हैं। घर के कमाऊ सदस्य की इस तरह अचानक और दर्दनाक मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और गांव का माहौल पूरी तरह गमगीन हो गया है।
घटना की मुख्य बातें
- मृतक का नाम: सत्येंद्र मेहता (पेशा: बिजली मिस्त्री), निवासी: ग्राम परसावां, तरहसी।
- घटनास्थल: ग्राम सुखरो (सेलारी), परसाई गिरिड के अंतर्गत।
- कारण: ट्रांसफार्मर मरम्मत के दौरान अचानक बिजली सप्लाई चालू होना।
- लापरवाही: बिजली लाइन पूरी तरह बंद न करना हादसे की मुख्य वजह बनी।
ग्रामीणों में आक्रोश: निष्पक्ष जांच और मुआवजे की मांग
हादसे की खबर मिलते ही गांव और आसपास के क्षेत्रों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन से इस पूरी घटना की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि इस घोर लापरवाही के जिम्मेदार दोषियों को चिन्हित कर उन पर सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही, ग्रामीणों ने प्रशासन और विभाग से पीड़ित परिवार को अविलंब उचित आर्थिक मुआवजा देने की भी पुरजोर मांग की है ताकि बेसहारा हुए बच्चों और परिवार का भरण-पोषण हो सके।













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