रांची : राजधानी के रातू थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। चटकपुर शांति नगर पोखर टोला में शनिवार को एक किराए के मकान से मां और उसके ढाई वर्षीय मासूम बेटे का शव बरामद किया गया है। वहीं, घर में मौजूद दो अन्य लड़कियां गंभीर रूप से अचेत पाई गईं, जिन्हें आनन-फानन में रिम्स (RIMS) में भर्ती कराया गया है।
प्राथमिक जांच के आधार पर पुलिस इस हादसे की वजह बंद कमरे में कोयले की अंगीठी (चूल्हा) जलने से दम घुटना (Asphyxiation) मान रही है।
सुबह जब नहीं खुला दरवाजा…
जानकारी के अनुसार, मृतकों की पहचान पिंकी देवी (32 वर्ष) और उनके ढाई वर्षीय पुत्र श्रवण कुमार के रूप में की गई है। वहीं, पिंकी की 15 वर्षीय ननद चंदा कुमारी और उनकी चार वर्षीय बेटी प्राची कमरे में तड़पती हुई मिलीं।
घटना का खुलासा शनिवार सुबह तब हुआ जब काफी देर तक कमरे का दरवाजा नहीं खुला। मकान मालिक और पड़ोसियों ने जब खिड़की से झांक कर देखा, तो सबके होश उड़ गए। कमरे के भीतर चारों बेसुध पड़े थे। स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी सूचना रातू थाना पुलिस को दी।
कोयले के धुएं ने ली जान, दो की हालत गंभीर
सूचना मिलते ही रातू थाना प्रभारी दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे और दरवाजा तोड़कर सबको बाहर निकाला। जांच करने पर पिंकी देवी और उनके बेटे श्रवण कुमार को मृत पाया गया। वहीं, चंदा और प्राची की सांसें चल रही थीं, जिसके बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दोनों को तत्काल रिम्स अस्पताल भिजवाया, जहां उनका इलाज जारी है। दोनों की हालत गंभीर बनी हुई है।
“प्रथम दृष्टया मामला बंद कमरे में कोयले का चूल्हा जलाने के कारण दम घुटने का लग रहा है। अत्यधिक ठंड या खाना बनाने के बाद चूल्हे को कमरे के अंदर ही छोड़ दिया गया होगा, जिससे जहरीली कार्बन मोनोऑक्साइड गैस फैल गई। हालांकि, पुलिस हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है।”
पुलिस पदाधिकारी
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मौत के असली कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा। फॉरेंसिक टीम को भी मामले की जांच में लगाया जा सकता है। इस दर्दनाक घटना के बाद से पूरे चटकपुर शांति नगर इलाके में शोक का माहौल है।













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