देहरादून : उत्तराखंड में आगामी 30 जुलाई से शुरू होने वाले ऐतिहासिक ‘कांवड़ मेला 2026’ को सुरक्षित और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन ने अपनी कमर कस ली है। बुधवार को पुलिस मुख्यालय में डीजीपी दीपम सेठ की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, तकनीकी निगरानी और पड़ोसी राज्यों के साथ अंतरराज्यीय समन्वय को लेकर एक व्यापक और अभेद्य रणनीति तैयार की गई।
बैठक में कांवड़ यात्रा से जुड़े सभी संवेदनशील जनपदों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के जरिए हिस्सा लिया और जमीनी तैयारियों का ब्योरा साझा किया।
चप्पे-चप्पे पर रहेगी तीसरी आंख, साइबर कमांडो भी तैनात
डीजीपी दीपम सेठ ने सुरक्षा व्यवस्था को आधुनिक और सख्त बनाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि पूरे कांवड़ मेला क्षेत्र की ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से चौबीसों घंटे डिजिटल निगरानी की जाए।
”सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संदिग्ध गतिविधियों और भीड़ नियंत्रण पर तकनीकी माध्यमों से पैनी नजर रखी जाए।”
— दीपम सेठ, डीजीपी, उत्तराखंड
मेले की संवेदनशीलता को देखते हुए आतंकवाद निरोधी दस्ता (ATS), बम निरोधक दस्ता (BDS), STF, SDRF और खुफिया इकाइयों (इंटेलिजेंस) को प्रमुख व रणनीतिक स्थलों पर तैनात किया जा रहा है। इसके साथ ही, सोशल मीडिया पर माहौल बिगाड़ने वाली अफवाहों और आपत्तिजनक सामग्री को रोकने के लिए साइबर कमांडो की एक विशेष टीम को चौबीसों घंटे साइबर स्पेस की निगरानी पर लगाया गया है।
संवेदनशील क्षेत्रों और घाटों पर अभेद्य सुरक्षा चक्र
बैठक में तय किया गया कि मेला क्षेत्र के संवेदनशील पॉइंटों पर अतिरिक्त पुलिस बल, महिला पुलिस कर्मियों और रैपिड रिस्पॉन्स टीम (RRT) की तैनाती की जाएगी।
- जल सुरक्षा: प्रमुख स्नान घाटों पर किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए SDRF और विशेषज्ञ गोताखोरों की टीमों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
- रेलवे सुरक्षा: रेलवे स्टेशनों, प्लेटफॉर्मों और फुटओवर ब्रिजों पर अत्यधिक भीड़ को नियंत्रित करने के लिए राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) को पूरे क्षेत्र को सुपर जोन, जोन और सेक्टरों में विभाजित कर फोर्स तैनात करने के आदेश दिए गए हैं।
पड़ोसी राज्यों के साथ साझा होगा ‘महा-ट्रैफिक प्लान’
करोड़ों श्रद्धालुओं की आमद को देखते हुए डीजीपी ने कांवड़ यात्रा मार्ग, राष्ट्रीय राजमार्गों, वैकल्पिक मार्गों, पार्किंग स्थलों और होल्डिंग एरिया के लिए एक विस्तृत ट्रैफिक डायवर्जन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
इस ट्रैफिक प्लान का व्यापक प्रचार-प्रसार न केवल उत्तराखंड, बल्कि पड़ोसी राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली और अन्य सीमावर्ती राज्यों में भी किया जाएगा, ताकि बाहरी राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं को पहले से ही रूट की सटीक जानकारी हो और जाम की स्थिति से बचा जा सके।
असामाजिक तत्वों पर सख्ती, श्रद्धालुओं से सम्मानजनक व्यवहार
डीजीपी ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि ड्यूटी पर तैनात सभी पुलिसकर्मी श्रद्धालुओं के साथ सम्मानजनक और सेवाभावी व्यवहार सुनिश्चित करें। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि कानून-व्यवस्था को हाथ में लेने वाले, अफवाह फैलाने वाले या सांप्रदायिक सौहार्द को प्रभावित करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ पुलिस बेहद सख्ती से निपटेगी और तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के तहत मेला क्षेत्र में अग्नि सुरक्षा ऑडिट (Fire Safety Audit), मोबाइल पेट्रोलिंग और अस्थायी पुलिस चौकियों की स्थापना के साथ-साथ किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एक मजबूत कंटीजेंसी प्लान (आकस्मिक योजना) भी तैयार कर लिया गया है।
















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