मेदिनीनगर (पलामू): पलामू पुलिस ने आपराधिक मामलों में फरार चल रहे अभियुक्तों के खिलाफ अपना शिकंजा कसना तेज कर दिया है। इसी कड़ी में शनिवार को मनातू थाना पुलिस ने न्यायालय द्वारा जारी आदेश का अनुपालन करते हुए मनातू थाना कांड के प्राथमिकी अभियुक्त विपिन कुमार यादव के आवास पर ढोल-नगाड़े के साथ इश्तहार चस्पा करने की कार्रवाई पूरी की।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पलामू जिले के मनातू थाना अंतर्गत चुनका गांव निवासी नन्दकेश्वर यादव के पुत्र विपिन कुमार यादव के विरुद्ध मामला दर्ज है। अभियुक्त लंबे समय से पुलिस की पकड़ से बाहर चल रहा था और गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार था। इसके पश्चात, माननीय न्यायालय, पलामू द्वारा अभियुक्त के विरुद्ध इश्तहार जारी किया गया।
ढोल-नगाड़े के साथ पहुंची पुलिस, ग्रामीणों को दी गई जानकारी
शनिवार को मनातू थाना प्रभारी विक्की कुमार के नेतृत्व में पुलिस बल अभियुक्त विपिन कुमार यादव के ग्राम चुनका स्थित आवास पर पहुंचा। कानूनी प्रक्रिया के तहत गांव में ढोल-नगाड़े बजाकर मुनादी करवाई गई, ताकि स्थानीय ग्रामीणों और अभियुक्त के परिजनों को कार्रवाई की आधिकारिक जानकारी मिल सके। इसके बाद पुलिस अधिकारियों ने विधिवत तरीके से अभियुक्त के मकान के मुख्य द्वार पर न्यायालय का इश्तहार चस्पा किया।
धारा 140(4), 142, 61(2) BNS एवं 27 आर्म्स एक्ट का है मामला
पुलिस सूत्रों ने बताया कि उक्त कार्रवाई थाना कांड के तहत की गई है, जो भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 140(4), 142, 61(2) तथा 27 आर्म्स एक्ट से संबंधित एक गंभीर मामला है। माननीय पलामू न्यायालय द्वारा जारी निर्देश के आलोक में इश्तहार में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि अभियुक्त विपिन कुमार यादव को 28 अक्टूबर 2026 या उससे पूर्व संबंधित न्यायालय के समक्ष आत्मसमर्पण करना अनिवार्य है।
परिजनों और ग्रामीणों की उपस्थिति में हुई प्रक्रिया
इस पूरी प्रक्रिया के दौरान अभियुक्त के परिवारजनों के साथ-साथ आसपास के बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। पुलिस टीम ने परिजनों को समझाते हुए सख्त निर्देश दिया कि वे अभियुक्त को तय समय-सीमा के भीतर न्यायालय में आत्मसमर्पण करने की सलाह दें।
मामले की पुष्टि करते हुए मनातू थाना प्रभारी विक्की कुमार ने बताया कि न्यायालय के आदेशानुसार पूरी कानूनी नियमावली का पालन करते हुए इश्तहार चस्पा की कार्रवाई संपन्न कर ली गई है। यदि निर्धारित तिथि (28 अक्टूबर) तक अभियुक्त न्यायालय में उपस्थित होकर आत्मसमर्पण नहीं करता है, तो पुलिस न्यायालय से कुर्की-जब्ती की अनुमति प्राप्त कर आगे की कड़ी कानूनी कार्रवाई करेगी।













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