रांची : ऐतिहासिक जगन्नाथपुर रथ मेला को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। मेले के दौरान हुड़दंगियों और असामाजिक तत्वों पर नकेल कसने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने अवैध शराब के कारोबारियों के खिलाफ एक बड़ा अभियान छेड़ा है। उपायुक्त (डीसी) के कड़े निर्देश पर उत्पाद विभाग, विधानसभा थाना, जगन्नाथपुर थाना और धुर्वा थाना पुलिस ने एक संयुक्त विशेष छापेमारी अभियान चलाकर अवैध शराब के सिंडिकेट को बड़ा झटका दिया है।
शराब के अड्डों को किया गया ध्वस्त
मिली जानकारी के अनुसार, प्रशासन को सूचना मिली थी कि मेला क्षेत्र और उसके आसपास के इलाकों में बड़े पैमाने पर अवैध चुलाई शराब का निर्माण और भंडारण किया जा रहा है। सूचना के सत्यापन के बाद गठित संयुक्त टीम ने संदिग्ध ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान अवैध चुलाई शराब की बिक्री करने वाले कई अड्डों और निर्माण स्थलों को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया गया।
भारी मात्रा में सामग्री बरामद और नष्ट
पुलिस और उत्पाद विभाग की इस संयुक्त कार्रवाई में टीम को बड़ी सफलता हाथ लगी है। छापेमारी स्थल से कुल:
- 90 लीटर अवैध चुलाई शराब जब्त की गई।
- 525 किलोग्राम जावा महुआ (शराब बनाने का कच्चा माल) बरामद किया गया।
जब्त की गई शराब और भारी मात्रा में मिले जावा महुआ को उत्पाद अधिनियम के तहत तय नियमों के अनुसार मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। इस कार्रवाई से अवैध शराब माफियाओं में हड़कंप मच गया है।
“मेले की पवित्रता और सुरक्षा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं”
जिला प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जगन्नाथपुर रथ मेला एक ऐतिहासिक और आस्था का प्रतीक है। इसमें लाखों की संख्या में श्रद्धालु जुटते हैं। कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाली किसी भी अवैध गतिविधि पर रोक लगाने के लिए प्रशासन प्रतिबद्ध है। अवैध शराब के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
शराब माफियाओं पर इस कार्रवाई के साथ ही प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि रथ मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी। मेला परिसर और पहुंच मार्गों पर पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है, साथ ही संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा रही है।













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