समीक्षा बैठक में उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री के कड़े तेवर; बोले- शिथिलता बरतने वाले कर्मी होंगे निलंबित
रांची : विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्य की धीमी प्रगति और इसमें बरती जा रही लापरवाही को लेकर रांची के उपायुक्त (डीसी) मंजूनाथ भजंत्री ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। समाहरणालय में आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान उपायुक्त ने स्पष्ट चेतावनी दी कि मतदाता सूची के इस अत्यंत महत्वपूर्ण कार्य में किसी भी स्तर की कोताही या शिथिलता कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने वैसे बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) और बीएलओ सुपरवाइजरों को चिन्हित कर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं, जो अपने कार्यों के प्रति लापरवाह पाए गए हैं।
उपायुक्त ने कहा कि राष्ट्रीय महत्व के इस कार्य में बाधा पहुंचाने वाले या ससमय कार्य पूरा न करने वाले दोषी कर्मियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही उन पर विभागीय और सख्त कानूनी शिकंजा भी कसा जाएगा।
अब तक महज 13.06% प्रपत्रों का ही हो सका है डिजिटलीकरण
बैठक के दौरान जिले में चल रहे एसआईआर कार्य के आंकड़ों की संचिका देखते हुए डीसी ने कार्य की गति पर असंतोष जताया। समीक्षा में यह बात सामने आई कि जिले में अब तक मात्र 58.67 प्रतिशत गणना प्रपत्रों (फॉर्म) का ही वितरण सुनिश्चित किया जा सका है। वहीं, डेटा एंट्री और डिजिटलीकरण की स्थिति और भी चिंताजनक है, जहां अब तक केवल 13.06 प्रतिशत प्रपत्रों का ही डिजिटलीकरण पूरा हो पाया है। उपायुक्त ने इस पर गहरी नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को मैनपावर बढ़ाने और कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया।
मतदाताओं से डीसी की अपील: समय पर जमा करें फॉर्म
समीक्षा बैठक के बाद उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने जिले के तमाम जागरूक मतदाताओं से भी इस प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जिन मतदाताओं को गणना प्रपत्र मिल चुके हैं, वे बिना किसी देरी के उसे पूरी शुद्धता के साथ भरें और जल्द से जल्द अपने क्षेत्र के बीएलओ के पास जमा करा दें। मतदाताओं के त्वरित सहयोग से ही इस कार्य को समय सीमा के भीतर त्रुटिहीन तरीके से संपन्न किया जा सकता है।
लापरवाही पर सीधे नपेंगे जिम्मेदार
“विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य सीधे तौर पर लोकतंत्र की मजबूती से जुड़ा है। इसमें किसी भी स्तर पर पाई गई लापरवाही अक्षम्य है। जो भी बीएलओ या सुपरवाइजर अपने लक्ष्य को समय पर पूरा नहीं करेंगे, उन पर विभागीय गाज गिरनी तय है। अधिकारी नियमित रूप से फील्ड विजिट कर प्रोग्रेस रिपोर्ट की मॉनिटरिंग करें।” — मंजूनाथ भजंत्री, उपायुक्त, रांची
अधिकारियों को फील्ड में उतरने के निर्देश
बैठक के अंत में उपायुक्त ने संबंधित क्षेत्र के निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों (ईआरओ) और सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों (एईआरओ) को निर्देश दिया कि वे लगातार अपने-अपने क्षेत्रों में बीएलओ के कार्यों का भौतिक सत्यापन करें। यदि कोई बीएलओ क्षेत्र से गायब पाया जाता है या फॉर्म वितरण में आनाकानी करता है, तो उसकी रिपोर्ट अविलंब जिला मुख्यालय को भेजी जाए ताकि तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सके।













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