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Sahil and Muskan Have Not Been Sentenced Yet Here is truth

विश्वास न्यूज की जांच में वायरल पोस्ट फर्जी साबित हुआ। फिलहाल यह मामला मेरठ जिला अदालत में चल रहा है और अंतिम निर्णय अभी तक नहीं आया है।

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। मेरठ के बहुचर्चित ‘नीले ड्रम हत्याकांड’ को लेकर सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि कोर्ट ने सौरभ राजपूत की हत्या के आरोपी साहिल को फांसी और मुस्कान को उम्रकैद की सजा सुनाई है।

इस पोस्ट को सच मानकर कई सोशल मीडिया यूजर्स शेयर कर रहे हैं। विश्वास न्यूज की जांच में सोशल मीडिया पोस्ट में किया जा रहा दावा गलत साबित हुआ। फिलहाल इस केस की अदालत में सुनवाई चल रही है और अंतिम फैसला अभी तक नहीं आया है। साहिल और मुस्कान की वकील ने भी वायरल पोस्ट को फेक बताते हुए ट्रायल चलने की बात कही।

क्या है वायरल?

फेसबुक यूजर ‘राजा चौरसिया’ ने 8 जुलाई 2026 को एक पोस्ट अपने अकाउंट से शेयर करते हुए लिखा, “मुस्कान और सौरभ का केस तो आप सभी जानते ही होंगे..! मुस्कान और सौरभ जिसमें मुस्कान ने साहिल के साथ मिलकर सौरभ को कई टुकड़ों में काटकर नीले ड्रम में भर दिया था! कितनों दिनों से चल रहा था केस अब जाकर सुनवाई हुई इन्साफ मिला कोर्ट ने साहिल को फांसी की सजा और मुस्कान को उम्रकैद की सजा सुनाई..!”

वायरल पोस्ट के कंटेंट को यहां ज्यों का त्यों लिखा गया है। इसे सच मानकर कई यूजर्स शेयर कर रहे हैं। इसका आर्काइव वर्जन यहां देखा जा सकता है।

पड़ताल

विश्वास न्यूज ने वायरल पोस्ट में किए गए दावे की सच्चाई जानने के लिए सबसे पहले गूगल ओपन सर्च टूल का इस्तेमाल किया। वायरल पोस्ट के आधार पर कुछ कीवर्ड बनाए गए, फिर इन्हें गूगल ओपन सर्च टूल की मदद से सर्च किया गया। हमें एक भी ऐसी खबर नहीं मिली, जिसमें साहिल और मुस्कान को सजा सुनाए जाने का जिक्र हो। यदि इन दोनों को सजा सुनाई गई होती, तो यह खबर मीडिया में जरूर आती।

सर्च के दौरान हमें ‘जागरण डॉट कॉम’ पर 8 जुलाई 2026 को प्रकाशित एक खबर मिली। इस खबर में बताया गया, “शहर के चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में बुधवार को अदालत में मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला की अधिवक्ता रेखा जैन ने सौरभ की मां और साथी के बयानों पर सवाल उठाए। साहिल और मुस्कान की अधिवक्ता रेखा जैन ने अदालत में वादी के पक्ष में दिए बयानों पर भी सवाल उठाए हैं।”

खबर में आगे बताया गया, “डीजीसी केके चौबे ने बताया कि आरोपित पक्ष के अधिवक्ता ने एक घंटे तक अपना पक्ष रखा। गुरुवार (9 जुलाई 2026) को भी बचाव पक्ष के अधिवक्ता अपनी दलील पेश करेंगे। बचाव पक्ष की दलील पूरी होने के बाद ही निर्णय सुरक्षित रखा जाएगा। इस मामले में निर्णय आने में 10-15 दिन लग सकते हैं।”

‘अमर उजाला डॉट कॉम’ की 8 जुलाई 2026 की एक खबर में बताया गया कि इस केस को लेकर सुनवाई जारी है। मामले की सुनवाई जिला जज अरविंद मिश्रा की अदालत में चल रही है।

विश्वास न्यूज की अब तक की जांच में यह साबित हो गया कि मामले की सुनवाई मेरठ की जिला अदालत में चल रही है। इसमें अभी तक कोई अंतिम फैसला नहीं आया है।

विश्वास न्यूज ने जांच को आगे बढ़ाते हुए दैनिक जागरण, मेरठ के वरिष्ठ क्राइम संवाददाता लोकेश पंडित से संपर्क किया और उनके साथ वायरल पोस्ट को साझा किया। उन्होंने वायरल दावे को गलत बताते हुए कहा कि मेरठ हत्याकांड में अभी कोई फैसला नहीं आया है। उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही फैसला आ जाएगा। उन्होंने वायरल पोस्ट को पूरी तरह से फर्जी बताया है।

मुस्कान-साहिल की अधिवक्ता रेखा जैन ने भी विश्वास न्यूज से बातचीत में वायरल पोस्ट को फेक बताया। उन्होंने कहा कि इस मामले की सुनवाई चल रही है।

क्या है संदर्भ?

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 3 मार्च 2025 की रात मेरठ के ब्रह्मपुरी निवासी सौरभ राजपूत की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में आरोप सौरभ की पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला पर लगे। पुलिस के अनुसार, दोनों ने मिलकर सौरभ की हत्या की थी। शव के चाकू से चार टुकड़े किए और उन्हें नीले ड्रम में भरकर सीमेंट से जमा दिया गया था। बाद में मुस्कान और साहिल हिमाचल प्रदेश घूमने चले गए थे। 17 मार्च की शाम को जब वे वापस लौटे, तो 18 मार्च को इस हत्याकांड से पर्दा उठा। पुलिस ने 19 मार्च को दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

यह मामला मेरठ की जिला जज कोर्ट में अंतिम चरण में है। सरकारी और बचाव पक्ष के वकीलों द्वारा गवाहों के बयानों और सबूतों पर जिरह की जा रही है। कोर्ट में जब तक अंतिम बहस पूरी नहीं हो जाती और जज अपना फैसला नहीं सुना देते, तब तक किसी भी आरोपी को सजा नहीं दी जा सकती। फिलहाल यह केस विचाराधीन है।

जांच के अंत में फर्जी पोस्ट करने वाले यूजर की जांच की गई। पता चला कि ‘राजा चौरसिया’ नाम के इस यूजर को फेसबुक पर 12 हजार लोग फॉलो करते हैं। यूजर यूपी के गोरखपुर का रहने वाला है। यह अकाउंट अप्रैल 2020 में बनाया गया था।

निष्कर्ष: विश्वास न्यूज की जांच में वायरल पोस्ट फर्जी साबित हुआ। फिलहाल यह मामला मेरठ जिला अदालत में चल रहा है और अंतिम निर्णय अभी तक नहीं आया है।


  • Claim Review : मेरठ के ‘नीले ड्रम हत्याकांड’ में साहिल को फांसी और मुस्कान को मिली उम्रकैद की सजा।
  • Claimed By : FB User Raja Choursasiya
  • Fact Check : झूठ




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