गड्ढों और कीचड़ के साम्राज्य से हर दिन होली खेल रहे हैं दोपहिया वाहन चालक; स्कूल बसों ने भी मोड़ा मुंह, बच्चों के भविष्य पर संकट
नीलाम्बर-पिताम्बरपुर ( पलामू ): बरसात की पहली फुहार ने ही लेस्लीगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली पीपरा-भकासी सड़क को एक बार फिर से नारकीय स्थिति में धकेल दिया है। कई जगहों पर बने गहरे-गहरे गड्ढे अब आम जनता के लिए सीधे तौर पर जानलेवा साबित हो रहे हैं। पहली ही बारिश के बाद पूरी सड़क जलजमाव और गहरे कीचड़ के दलदल में तब्दील हो चुकी है, जिससे इस मार्ग पर पैदल चलना तो दूर, वाहनों का निकलना भी दूभर हो गया है। आए दिन दोपहिया वाहन चालक अनियंत्रित होकर इन गड्ढों में गिर रहे हैं और चोटिल हो रहे हैं।
वर्षों से नहीं हुई मरम्मत, अतिक्रमण ने बढ़ाई आफत
स्थानीय ग्रामीण रवींद्र मेहता, विकेश मेहता, गुलाब साव, लक्ष्मी तिवारी, मुकेश सिंह, मंटू सिंह और मदन मांझी सहित दर्जनों ग्रामीणों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए बताया कि इस सड़क का निर्माण स्वर्गीय विदेश सिंह के विधायकी कार्यकाल के दौरान कराया गया था। उसके बाद से लेकर आज तक न तो इस सड़क की कभी मरम्मत की गई और न ही इसका पुनर्निर्माण कराया गया।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि सड़क की इस दुर्दशा के पीछे सड़क के दोनों किनारों पर बड़े पैमाने पर किया गया अतिक्रमण भी मुख्य कारण है। पानी की निकासी न होने और अतिक्रमण के चलते सड़क पूरी तरह से बर्बाद हो गई है, जिसका खामियाजा रोजाना हजारों राहगीरों को भुगतना पड़ रहा है।
स्कूल बसों का आना बंद, अभिभावक परेशान
सड़क की भयावह स्थिति का सबसे बुरा असर स्कूली बच्चों की शिक्षा पर पड़ रहा है। खस्ताहाल और खतरनाक हो चुके रास्तों की वजह से स्कूल बसों ने इस रूट पर आना पूरी तरह बंद कर दिया है। ऐसे में अभिभावकों के सामने बड़ी मुसीबत खड़ी हो गई है। वे मजबूरन अपने-अपने बच्चों को निजी संसाधनों या अन्य जोखिम भरे तरीकों से स्कूल पहुंचाने को विवश हैं।
“यह काम पंचायत स्तर से संभव नहीं है। विधायक और सांसद चाहें तो उनके पास निजी फंड के साथ-साथ कई विभागीय योजनाएं हैं, जिनके माध्यम से वे इस बड़ी समस्या का समाधान आसानी से करवा सकते हैं।”
— पूर्णिमा देवी (मुखिया) एवं सुनील राम (प्रमुख)
नेताओं से सिर्फ मिला आश्वासन, अब सांसद से जगी उम्मीद
स्थानीय लोगों के अनुसार, उन्होंने इस गंभीर समस्या की ओर क्षेत्र के मुखिया, प्रमुख, विधायक और सांसद का ध्यान कई बार आकृष्ट कराया, लेकिन अब तक नतीजा ढाक के तीन पात ही रहा। इस मामले पर बात करने पर मुखिया पूर्णिमा देवी और प्रमुख सुनील राम ने अपनी असमर्थता जताते हुए पल्ला झाड़ लिया।
हालांकि, इस पूरे मामले पर सांसद कालीचरण सिंह ने सकारात्मक रुख दिखाया है। उन्होंने कहा, “मुझे पीपरा-भकासी सड़क की जर्जर और खराब स्थिति के बारे में पूरी जानकारी है। इस समस्या के स्थाई समाधान के लिए मैंने प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (PMGSY) के तहत इस सड़क का निर्माण कराने के लिए संबंधित विभाग को पत्र लिखा है। जल्द ही इस सड़क को नए सिरे से बनवाया जाएगा ताकि जनता को राहत मिल सके।”
अब देखना यह होगा कि विभाग इस पर कितनी जल्दी संज्ञान लेता है, या फिर ग्रामीणों को इस जानलेवा सफर से अभी और दिनों तक यूं ही जूझना पड़ेगा।













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