- विशिष्ट पत्रांक और नियमों को ताक पर रखकर आनन-फानन में कराया गया प्रखंड स्तरीय टूर्नामेंट, कल से ही जिला स्तरीय फाइनल प्रतियोगिता निर्धारित।
- परीक्षा के दिन मैच के आयोजन से छात्रों के भविष्य पर संकट; 15 से अधिक बच्चे परीक्षा से वंचित होने की कगार पर, विभाग मौन।
मेदिनीनगर (पलामू): प्रखंड संसाधन केंद्र (BRC), तरहसी में सरकारी नियमों, खेल भावना और वित्तीय पारदर्शिता को पूरी तरह ताक पर रखकर खेल प्रतियोगिता के आयोजन में भारी अनियमितता का एक गंभीर मामला प्रकाश में आया है। 65वीं सुब्रतो कप फुटबॉल प्रतियोगिता (2026-27) एवं द्वितीय लिटिल चैंप्स फुटबॉल टूर्नामेंट के नाम पर आवंटित सरकारी राशि का खुलेआम दुरुपयोग किए जाने की आशंका जताई जा रही है। हैरानी की बात यह है कि इस पूरे आयोजन की भनक न तो स्थानीय जनप्रतिनिधियों को दी गई और न ही क्षेत्र के जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारियों को, जिससे पूरा मामला गहरे संदेह के घेरे में आ गया है।
प्राप्त जानकारी और कार्यालय प्रखंड संसाधन केंद्र तरहसी द्वारा जारी पत्रांक 128 (दिनांक 03/07/2026) के विश्लेषण से स्पष्ट होता है कि विभागीय आदेशों की किस प्रकार धज्जियां उड़ाई गईं। सुदूर और ग्रामीण क्षेत्रों की खेल प्रतिभाओं को निखारने के उद्देश्य से आयोजित होने वाले इस बड़े खेल कार्यक्रम को बेहद ‘चुपके’ से और आनन-फानन में निपटाने का प्रयास किया गया। नियमों के मुताबिक, जिस खेल प्रतियोगिता की तैयारी और प्रखंड स्तरीय चयन के लिए विद्यालयों और खिलाड़ियों को उचित समय दिया जाना चाहिए था, उसे मात्र एक दिन के भीतर कागजों पर समेटने की तैयारी कर ली गई।
तारीखों का बड़ा खेल और चयन प्रक्रिया पर सवाल
मामले में सबसे बड़ी विसंगति तारीखों को लेकर है। पूर्व में 4 जुलाई से कार्यक्रम आयोजित करने का पत्र चर्चा में था, लेकिन अचानक फेरबदल करते हुए आज 7 जुलाई को यह प्रखंड स्तरीय आयोजन कराया जा रहा है, जबकि ठीक अगले ही दिन यानी 8 जुलाई से जिला स्तर पर फाइनल प्रतियोगिता निर्धारित है। ऐसे में स्थानीय खेल प्रेमियों ने सवाल उठाया है कि ग्रामीण क्षेत्रों के खिलाड़ियों को अपनी तैयारी और चयन का मौका कब मिला? बिना किसी पूर्व सूचना और पारदर्शी चयन के जिला स्तर के लिए टीम का चयन कैसे किया जा रहा है?
अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की रहस्यमयी दूरी
इतने बड़े सरकारी आयोजन से प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO), प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी (BEEO) समेत तमाम स्थानीय पंचायत जनप्रतिनिधि पूरी तरह गायब रहे। यहां तक कि स्थानीय विधायक को भी इस कार्यक्रम की सूचना देना उचित नहीं समझा गया। किसी भी बड़े सरकारी टूर्नामेंट में क्षेत्र के गणमान्य लोगों और जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित किया जाता है, ताकि पारदर्शिता बनी रहे। लेकिन तरहसी BRC द्वारा इस कार्यक्रम को जिस गोपनीय तरीके से किया गया, वह वित्तीय हेरफेर और केवल ‘बंदरबांट’ की ओर सीधा इशारा करता है।
छात्रों की परीक्षा बनाम खेल: भविष्य से खिलवाड़
इस पूरे मामले का एक और संवेदनशील पहलू यह है कि आज स्कूलों में बच्चों की महत्वपूर्ण परीक्षाएं भी निर्धारित हैं। ऐसे में यह गंभीर सवाल खड़ा हो गया है कि जो बच्चे आज मैच खेल रहे हैं, उनकी परीक्षा कब होगी? यदि लगभग 15 से अधिक बच्चे मैच खेलने के एवज में परीक्षा देने से वंचित रह जाते हैं, तो उनके शैक्षणिक सत्र और भविष्य का नुकसान कौन भुगतेगा? क्या शिक्षा विभाग के अधिकारियों के पास इन बच्चों की पूरक परीक्षा के लिए कोई ठोस योजना है, या खेल के नाम पर बच्चों के भविष्य की बलि दी जा रही है?
शिक्षकों के भरोसे खानापूर्ति, उच्च स्तरीय जांच की मांग
जब कार्यक्रम स्थल (राजकीय मध्य विद्यालय तरहसी का खेल मैदान) पर जमीनी हकीकत देखी गई, तो वहां किसी भी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी की उपस्थिति नहीं पाई गई। शिक्षा विभाग के कुछ प्रतिनियुक्त शिक्षकों के भरोसे ही पूरे आयोजन को एक औपचारिक रस्म अदायगी के रूप में निपटाया जा रहा था। मंच पर मुख्य अतिथियों की कुर्सियां खाली थीं और केवल कागजी कोरम पूरा किया जा रहा था। स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों और खेल प्रेमियों ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है, ताकि सरकारी धन के इस प्रकार के दुरुपयोग और बच्चों के भविष्य से हो रहे खिलवाड़ पर तुरंत रोक लगाई जा सके।













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