न्यूयार्क के ब्रोंक्स में वर्ष 2010 में एक इमारत में आग लग गई थी। उसी दौरान के एक वीडियो को अब लखनऊ अग्निकांड का बताकर झूठ फैलाया गया।
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज में 22 जून 2026 को एक अवैध व्यावसायिक इमारत में आग लग गई, जिसमें 15 लोगों की मौत हो गई। अब इसी हादसे से जोड़ते हुए 15 सेकंड का एक वीडियो वायरल किया जा रहा है। इसमें आग लगी एक इमारत के अंदर एक महिला छोटे बच्चे को खिड़की से लटकाकर मदद मांगते हुए दिख रही है। इस वीडियो को लखनऊ अग्निकांड का मानकर कई यूजर्स शेयर कर रहे हैं।
विश्वास न्यूज ने विस्तार से इसकी जांच की। वायरल पोस्ट फर्जी साबित हुआ। दरअसल, अमेरिका के एक पुराने वीडियो को गलत दावे के साथ लखनऊ का बताकर वायरल किया जा रहा है। यह घटना न्यूयॉर्क के ब्रोंक्स में 2010 में हुई थी।
क्या है वायरल?
फेसबुक यूजर ‘मनोज पांडेय आनंद’ ने 23 जून 2026 को एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “निःशब्द आज की घटना जिसमें ये माँ की ममता की ताकत ऐसी होती है कि मौत सामने हो तब भी वह अपने बच्चे की जान बचाने के लिए हर हद पार कर जाती है #LucknowNews #aliganjlibarary #FireAccident”

वायरल पोस्ट के कंटेंट को यहां ज्यों का त्यों लिखा गया है। इसे सच मानकर कई यूजर्स शेयर कर रहे हैं। इसका आर्काइव वर्जन यहां देखा जा सकता है।
पड़ताल
विश्वास न्यूज ने सबसे पहले वायरल वीडियो के कई कीफ्रेम्स निकाले। फिर इन्हें गूगल लेंस टूल के जरिए सर्च किया गया। हमें वायरल पोस्ट से जुड़ा वीडियो और तस्वीर कई सोशल मीडिया हैंडल्स पर पुरानी तारीखों में अपलोड किए हुए मिले। ‘imagesyouwontseeontv’ नाम के एक इंस्टाग्राम हैंडल पर इससे जुड़ी तस्वीर 9 जून 2025 को पोस्ट की गई थी। इसके कैप्शन में बताया गया कि ‘वनेसा स्कॉट’ नाम की एक महिला ने आग लगने के दौरान अपने 7 महीने के बच्चे को बचाने के लिए सब कुछ दांव पर लगा दिया। उन्होंने बच्चे को पांचवीं मंजिल की खिड़की से बाहर लटकाकर रखा, ताकि वह सांस ले सके।

सर्च के दौरान हमें 18 अप्रैल 2010 को पब्लिश एक खबर मिली। इसमें वायरल वीडियो का स्क्रीनशॉट इस्तेमाल किया गया था। ‘हफपोस्ट डॉट कॉम’ पर प्रकाशित इस खबर में बचाई गई बच्ची का नाम ‘जानिवा एलेक्जेंड्रा’ बताया गया। एक अपार्टमेंट में आग लगने के बाद सात महीने की बच्ची को पांचवीं मंजिल की खिड़की से लटकाया गया था। बाद में फायरफाइटर्स ने इसे बचा लिया था।
16 फरवरी 2010 को ‘डेली न्यूज’ की खबर में बताया गया कि ब्रोंक्स के एक जलते हुए अपार्टमेंट की पांचवीं मंजिल की खिड़की से एक सात महीने की बच्ची को खतरनाक तरीके से लटकाए जाने की यह भयावह तस्वीर है। बच्ची की चचेरी बहन, 18 वर्षीय वैनेसा स्कॉट ने बताया कि उसने बच्ची को खिड़की से बाहर इसलिए लटकाकर रखा, ताकि वह सांस ले सके।
विश्वास न्यूज ने जांच के दौरान ‘दैनिक जागरण’, लखनऊ के वरिष्ठ संवाददाता विवेक राव से संपर्क किया और उनके साथ वायरल पोस्ट शेयर किया। उन्होंने बताया कि वायरल पोस्ट में इस्तेमाल किया गया वीडियो लखनऊ अग्निकांड का नहीं है।
क्या है संदर्भ?
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 22 जून 2026 को अलीगंज में एक इमारत में आग लग गई। इस हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई। ‘जागरण डॉट कॉम’ की 24 जून 2026 की खबर में बताया गया कि सभी 15 लोगों की मौत, धुएं और कार्बन मोनोऑक्साइड गैस के कारण दम घुटने से हुई थी। यह खुलासा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में हुआ है।
दैनिक जागरण के 24 जून 2026 के लखनऊ संस्करण में प्रकाशित खबर में बताया गया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित करके लखनऊ अग्निकांड की जांच शुरू कर दी गई है। दूसरी ओर, पुलिस ने इस मामले में चार लोगों को जेल भेज दिया है। इसमें भवन के मालिक वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला, एनिमेशन एवं गेमिंग जोन के संचालक तुषांक कृष्ण जायसवाल, पेट शॉप एवं क्लीनिक के संचालक रामकृष्ण उपाध्याय और इमारत में नेटवर्किंग का काम करने वाला सुरेश कुमार शामिल हैं।

जांच के अंत में फर्जी पोस्ट करने वाले यूजर के प्रोफाइल की जांच की गई। पता चला कि ‘मनोज पांडेय आनंद’ एक राजनीतिक दल से जुड़े हैं। यूजर बिहार के छपरा का निवासी है। यूजर को 23 हजार से अधिक लोग फेसबुक पर फॉलो करते हैं। यह अकाउंट फरवरी 2016 में बनाया गया था।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज की जांच में वायरल पोस्ट फर्जी साबित हुई। न्यूयॉर्क के ब्रोंक्स में वर्ष 2010 में एक इमारत में आग लग गई थी। उसी घटना के एक वीडियो को अब लखनऊ अग्निकांड का बताकर झूठ फैलाया गया।

- Claim Review : लखनऊ अग्निकांड में बच्चे को बचाने की कोशिश करती मां।
- Claimed By : FB User Manoj Pandey Anand
- Fact Check : झूठ
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