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Video Linked to Bharat Tiwari Encounter Is Misleading

भरत भूषण तिवारी के एनकाउंटर वाले वायरल वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा गलत है। असल में यह वीडियो उत्तर प्रदेश के महराजगंज का है। दरअसल, निचलौल की ग्रामसभा मदनपुरा के एक गो-आश्रय में दो गाय मृत मिली थीं। इसी के खिलाफ ‘गोरक्षक’ दल और बजरंग दल प्रदर्शन कर रहे थे। इसी विरोध प्रदर्शन के वीडियो को अब गलत दावे के साथ वायरल किया जा रहा है।

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। बिहार के भोजपुर जिले के बिलौटी गांव में 17 जून 2026 को हुए भरत भूषण तिवारी के एनकाउंटर से जोड़कर एक वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि कई पुलिसवाले एक व्यक्ति को उठाकर लेकर जा रहे हैं। इस वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यह भरत भूषण तिवारी के एनकाउंटर का है।  

विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल दावा गलत है। असल में वीडियो उत्तर प्रदेश (यूपी) के महराजगंज का है। दरअसल, निचलौल की ग्रामसभा मदनपुरा के एक गोआश्रय में दो गाय मृत मिली थीं। इसी के खिलाफ ‘गोरक्षक’ दल और बजरंग दल के कार्यकर्ता प्रदर्शन कर रहे थे। इसी विरोध प्रदर्शन के वीडियो को अब गलत दावे के साथ वायरल किया जा रहा है।

क्या हो रहा है वायरल?

इंस्टाग्राम यूजर ‘shubham_yadav_2192’ ने 21 जून 2026 को वायरल वीडियो शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, “वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि उस समय गोली नहीं मारी गई थी। इससे घटना को लेकर कई गंभीर सवाल उठते हैं और निष्पक्ष जांच की आवश्यकता है।” ये भ्रष्ट और घूसखोर पुलिसकर्मी सच्चाई छिपाने की कोशिश कर रहे हैं।” “शहीद भरत तिवारी ज़िंदाबाद!”

पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

पड़ताल 

वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने वीडियो के कई कीफ्रेम निकाले और उन्हें गूगल रिवर्स इमेज की मदद से सर्च किया। हमें वायरल वीडियो ‘panditshivammishra999’ नाम के एक इंस्टाग्राम अकाउंट पर मिला। वीडियो को 20 जून 2026 को शेयर किया गया था। मौजूद जानकारी के मुताबिक, वीडियो यूपी के महराजगंज का है। वहां गौसदन में गायों की मौत के बाद ‘गोरक्षक’ दल और बजरंग दल ने विरोध प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। मामले को संभालने के लिए पुलिस वहां पहुंची थी।

हमने ‘panditshivammishra999’ के अकाउंट को खंगाला तो पाया कि इस प्रदर्शन के कई अन्य वीडियो भी मौजूद हैं। इस अकाउंट पर उस शख्स का वीडियो भी मौजूद है, जिसे पुलिस उठाकर ले जा रही थी। मौजूद जानकारी के मुताबिक, शख्स का नाम चंदन है और वह एक ‘गौ सेवक’ है। 

प्राप्त जानकारी के आधार पर हमने गूगल पर संबंधित कीवर्ड्स की मदद से सर्च किया। हमें दावे से जुड़ी एक रिपोर्ट ‘दैनिक भास्कर’ की वेबसाइट पर मिली। रिपोर्ट को 21 जून 2026 को प्रकाशित किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, घटना महराजगंज जिले के मिठौरा ब्लॉक क्षेत्र स्थित मदनपुरा गोसदन की है। वहां पर दो गौवंशीय पशुओं की मौत हो गई थी। इसके बाद ‘गोरक्षक’ दल और बजरंग दल के कार्यकर्ता वहां प्रदर्शन करने लगे। उन्होंने गौशाला के कर्मचारियों पर लापरवाही बरतने के आरोप लगाए और कार्रवाई की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन करने लगे। स्थिति को काबू करने के लिए पुलिस वहां पहुंची थी।

पड़ताल के दौरान हमें दावे से जुड़ी एक अन्य रिपोर्ट ‘अमर उजाला’ की वेबसाइट पर 21 जून 2026 को प्रकाशित मिली। रिपोर्ट के अनुसार, “गो-आश्रय केंद्र में गोरक्षा प्रमुख राहुल गुप्ता, चंदन दुबे, जिला सहसंयोजक बजरंग दल, प्रखंड गोरक्षक बजरंग दल विवेक मौर्य व कुलदीप कुमार मौके पर पहुंच गए। उन्होंने गो-आश्रय स्थल के अंदर और बाहर दो गायों को मृत अवस्था में देखकर हंगामा शुरू कर दिया। शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने के लिए आई जेसीबी मशीन के आगे बैठकर ये लोग विरोध प्रदर्शन करने लगे। पुलिस टीम कार्यकर्ताओं की घेराबंदी कर गायों के शवों को वाहन में डालने लगी थी।”

अधिक जानकारी के लिए हमने इस वीडियो को कैमरे में कैद करने वाले शिवम मिश्रा से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि वायरल दावा गलत है। यह वीडियो यूपी के महराजगंज के एक गो-आश्रय में हुई घटना का है। गोरक्षक गायों की मृत्यु को लेकर गुस्से में थे और विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। वे शवों को पोस्टमार्टम के लिए नहीं ले जाने दे रहे थे। इसलिए पुलिस ने उन्हें वहां से हटाया था, ताकि शवों को पोस्टमार्टम के लिए ले जाया जा सके। 

क्या है संदर्भ?

बिहार के भोजपुर जिले के बिलौटी गांव में 17 जून 2026 को भरत भूषण तिवारी नाम के एक युवा का पुलिस ने एनकाउंटर कर दिया। मृतक भरत भूषण तिवारी के स्वजनों और ग्रामीणों का आरोप है कि भरत ने आत्मसमर्पण कर दिया था और अपनी पिस्तौल भी फेंक दी थी। इसके बावजूद पुलिस ने उसका एनकाउंटर कर दिया। 22 जून 2026 को इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने जनहित याचिका पर फौरन सुनवाई करने से मना कर दिया । जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने तुरंत सुनवाई से इनकार करते हुए याचिकाकर्ता को सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार के सामने मेंशनिंग करने का निर्देश दिया । पूरी रिपोर्ट को यहां पढ़ा जा सकता है। 

‘दैनिक जागरण’ की 22 जून 2026 की एक खबर के अनुसार, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हाईकोर्ट के एक सेवानिवृत्त जज से इस पूरे मामले की न्यायिक जांच कराने के आदेश दिए हैं। पूरी रिपोर्ट को यहां पढ़ा जा सकता है। 

अंत में हमने वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले इंस्टाग्राम यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि यूजर को सात हजार से अधिक लोग फॉलो करते हैं।

निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि भरत भूषण तिवारी के एनकाउंटर वाले वायरल वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा गलत है। असल में यह वीडियो उत्तर प्रदेश के महराजगंज का है। दरअसल, निचलौल की ग्रामसभा मदनपुरा के एक गो-आश्रय में दो गाय मृत मिली थीं। इसी के खिलाफ ‘गोरक्षक’ दल और बजरंग दल प्रदर्शन कर रहे थे। इसी विरोध प्रदर्शन के वीडियो को अब गलत दावे के साथ वायरल किया जा रहा है।


  • Claim Review : भरत तिवारी को एनकाउंटर के लिए ले जाती पुलिस का वीडियो।
  • Claimed By : Inst User shubham_yadav_2192
  • Fact Check : झूठ




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