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योगी आदित्यनाथ ने भरत तिवारी के एनकाउंटर को नहीं ठहराया सही, वायरल दावा गलत-Yogi Adityanath Did Not Make Viral Statement on Bharat Tiwari Encounter

सीएम योगी ने वायरल बयान भरत तिवारी के एनकाउंटर से कई महीने पहले यूपी पुलिस की अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई के संदर्भ में दिया था।

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। बिहार के भोजपुर जिले के बिलौटी गांव में 17 जून 2026 को हुए भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर पर उठ रहे सवालों के बीच सोशल मीडिया पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का एक वीडियो काफी वायरल हो रहा है। इसमें मुख्यमंत्री योगी को एनकाउंटर को सही ठहराते हुए पुलिस का समर्थन करते हुए दिखाया गया है।

इस वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भरत तिवारी के एनकाउंटर के बाद यह बयान दिया है। इसे सच मानकर कई यूजर्स शेयर कर रहे हैं।

विश्वास न्यूज ने वायरल पोस्ट की जांच की। यह भ्रामक साबित हुई। यूपी के सीएम के बयान का बिहार में हुए एनकाउंटर से कोई संबंध नहीं है। यह वीडियो पुराना है। फरवरी 2026 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी पुलिस के संदर्भ में वायरल बयान दिया था।

क्या है वायरल?

फेसबुक यूजर ‘Anshu Gautam’ ने 22 जून 2026 को एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “उत्तर प्रदेश के सीएम माननीय आदित्यनाथ मुख्यमंत्री जी भरत तिवारी के सरेंडर करने के बाद भी पुलिस द्वारा एनकाउंटर किए जाने पर क्या बोल रहे हैं, सवाल सिर्फ भरत तिवारी का नहीं है, सवाल कानून और न्याय व्यवस्था पर जनता के भरोसे का है। यदि कोई चूक या साजिश हुई है तो सच सामने आना चाहिए और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए।”

वायरल पोस्ट के कंटेंट को यहां ज्यों का त्यों लिखा गया है। इसे सच मानकर कई यूजर्स शेयर कर रहे हैं। इसका आर्काइव वर्जन यहां देखा जा सकता है।

पड़ताल

विश्वास न्यूज ने सबसे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान को ध्यान से सुना। इसमें सीएम को यह बोलते हुए देखा जा सकता है, “बहुत बार लोग टिप्पणी करते हैं कि पुलिस ने गोली क्यों मार दी। अगर पुलिस गोली नहीं मारे तो क्‍या पुलिस गोली खाए? ये दोनों काम एक साथ नहीं चल सकते। अगर उस अपराधी को गोली चलाने की स्वतंत्रता है तो पुलिस के पास भी हमने इसीलिए पिस्तौल दी है कि वह भी उसका मुकाबला करे। उसका प्रशिक्षण इसी बात को लेकर हो रखा है और उसको, जिस भाषा में समझे, उस भाषा में उसको समझाने का काम करे।”

विश्वास न्यूज ने कीवर्ड के आधार पर सर्च शुरू किया। सीएम योगी का एक पुराना वीडियो हमें ‘ईटी नाउ स्वदेश’ के यूट्यूब चैनल पर शॉर्ट के रूप में मिला। इसे 4 फरवरी 2026 को अपलोड किया गया था।

कीवर्ड सर्च के दौरान हमें उस समय की कई खबरें अलग-अलग वेबसाइट पर मिलीं। ‘लाइव हिंदुस्तान’ ने 3 फरवरी 2026 को अपनी खबर में लिखा, ”सीएम योगी ने कहा कि बहुत बार लोग सवाल उठाते हैं कि पुलिस ने गोली क्यों मार दी। मैं पूछता हूं कि पुलिस गोली न चलाए तो क्या गोली खाए? यह दोनों काम एक साथ नहीं चल सकते। अगर अपराधी को गोली चलाने की स्वतंत्रता है तो पुलिस के पास भी पिस्तौल इसीलिए है कि वह उसका डटकर मुकाबला करे। उन्होंने आगे कहा कि पुलिस का प्रशिक्षण ही इसीलिए होता है कि कोई अपराधी जिस भाषा को समझता है, उसे उसी भाषा में जवाब दे सके।”

इससे जुड़ी खबर हमें ‘आजतक’ की वेबसाइट पर भी मिली। इसे 4 फरवरी 2026 को प्रकाशित किया गया था।

विश्वास न्यूज ने जांच के दौरान भ्रामक पोस्ट करने वाले यूजर की जांच की । ‘अंशु गौतम’ नाम के इस यूजर को फेसबुक पर पांच हजार से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं। यूजर लखनऊ का रहने वाला है। यह अकाउंट सितंबर 2021 में बनाया गया था।

विश्वास न्यूज ने वायरल वीडियो को लेकर भाजपा के यूपी प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी से भी संपर्क किया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का वायरल हो रहा वीडियो पुराना है।

क्या है संदर्भ?

बिहार के भोजपुर जिले के बिलौटी गांव में 17 जून 2026 को भरत भूषण तिवारी नाम के एक युवा का पुलिस ने एनकाउंटर कर दिया। मृतक भरत भूषण तिवारी के स्वजनों और ग्रामीणों का आरोप है कि भरत ने आत्मसमर्पण कर दिया था और अपनी पिस्तौल भी फेंक दी थी। इसके बावजूद पुलिस ने उसका एनकाउंटर कर दिया।

22 जून 2026 को इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने जनहित याचिका पर फौरन सुनवाई करने से मना कर दिया। जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने तुरंत सुनवाई से इनकार करते हुए याचिकाकर्ता को सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार के सामने मेंशनिंग करने का निर्देश दिया ।

‘दैनिक जागरण’ की 22 जून 2026 की एक खबर के अनुसार, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हाईकोर्ट के एक सेवानिवृत्त जज से इस पूरे मामले की न्यायिक जांच कराने के आदेश दिए हैं।

निष्कर्ष: विश्वास न्यूज की जांच में वायरल पोस्ट भ्रामक साबित हुई। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक पुराने बयान के वीडियो को अब बिहार के भरत भूषण तिवारी के एनकाउंटर से जोड़ते हुए गलत दावे के साथ वायरल किया जा रहा है। सीएम योगी ने वायरल बयान भरत तिवारी के एनकाउंटर से कई महीने पहले यूपी पुलिस की अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई के संदर्भ में दिया था।


  • Claim Review : यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने भरत तिवारी के एनकाउंटर पर बयान दिया।
  • Claimed By : FB User Anshu Gautam
  • Fact Check : झूठ




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